“अभिमान” की ताकत फरिश्तो को भी शैतान बना देती है

“अभिमान” की ताकत फरिश्तो को भी शैतान बना देती है लेकिन “नम्रता” भी कम शक्तिशाली नही है। वह साधारण इंसान को “फ़रिश्ता” बना देती है।

“सच” बोलने से हमेशा ‘दिल’ साफ़ रहता हैं, “अच्छाई” करने से हमेशा ‘मन’ साफ़ रहता हैं, “मेहनत” करने से हमेशा ‘दिमाग़’ साफ़ रहता हैं I बात कड़वी है पर सच है।लोग कहते है तुम संघर्ष* करो हम तुम्हारे साथ है यदि लोग सच में साथ होते तो संघर्ष* की जरुरत ही नहीं पड़ती।

ज़िंदगी में सिर्फ़ ” शहद ” ही ऐसा है जिसको हज़ार साल के बाद भी खाया जा सकता है, ओर “शहद “जैसी बोली से सालों साल तक लोगों के दिल में राज किया जा सकता है I

सिर्फ सांसें चलते रहने को ही ज़िंदगी नहीं कहते..आँखों में कुछ ख़्वाब और दिल में…उम्मीदें होना भी ज़रूरी हैं Iजिसको जो कहना है कहने दो अपना क्या जाता है, ये वक्त-वक्त कि बात है, सबका वक्त आता है Iसबको उसी तराजू में तोलिए जिसमें खुद को तोलते हो,फिर देखना लोग उतने भी बुरे नहीं हैं जितना हम समझते हैं।

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