एकाग्रता से ही विजय मिलती है

 

वक्त नाजुक है ,संभल कर रहिये – जय श्री कृष्णा

हे परम पिता परमेश्वर हम सब आपके बच्चे है, आप मुझे मेरे परिवार को और समस्त संसार के प्राणियो को इस महामारी से बचाओ। केवल आप ही जो हमारी रक्षा कर सकते हो।

वक्त नाजुक है ,संभल कर रहिये ,ये युद्ध थोड़ा अलग है ,अलग थलग रहकर लड़िये। कृपया गली मोहल्लों सोसायटी में भी सयंम बरते ओर मुहिम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएं, खुद बचेंगे ,दूसरे खुदबखुद बचेंगे , इस लड़ाई में अब आप सबका सहयोग चाहिये। जहाँ हो जैसे हो वहाँ वैसे ही खुश रहना दोस्तो तुमसे मिलना ज़रूरी नहीं , तुम्हारा होना ज़रूरी है।

एकाग्रता से ही विजय मिलती है, सच्चा प्रयास कभी निष्फल नहीं होता, इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं| हम वो सब कर सकते है, जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है, जो आज तक हमने नहीं सोचा।

प्रिय मित्र आपको यह आर्टिकल पसन्द आया हो तो Comments जरूर कीजिएगा। दिल से बहुत बहुत शुक्रिया मेरे प्रिय मित्र। बजरंगबली सब मनोकामना पूर्ण करें, उनका स्नेह आपको और आपके सारे परिवार को सदैव मिले।:):):)

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