ए खुदा रखना मेरे दुष्मनो को भी मेहफूज ..! वरना मेरी तेरे पास आने की दुवा कौन करेगा

मिर्ज़ा ग़ालिब रिटर्न्स फुल्ली डेडिकेटेड टू मोदीजी

अजीब कशमकश में गुज़र रही ज़िन्दगी ग़ालिब

दाल खा नहीं सकते और गोश्त खाने नहीं देते

ऊपर से शौचालय पर शौचालय बनवाये जा रहे हैं।

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मैं पिकनिक पर दोस्तों को शमशान घाट पर ले आया

दोस्त बोले:ये कहाँ लेकर आ गए?

मैने कहा अरे पगलो लोग मरते हैं

यहाँ आने के लिए।

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