कमी तो होनी ही है पानी की, शहर में, न किसी की आँखों में बचा है और न ही किसी के जज़्बात में

आज कल छोटे छोटे बच्चे भी कमाल हैं

कोई डांस में तो कोई सिंगिंग

में धूम मचा रहा है

हमारा बचपन तो बस

छत पे चढ़ के एंटीना घुमा के चिल्लाने में बीत गया

अब साफ़ आया क्या?

—————-

बुलाती है मगर जाने का नहीं

और जाने का तो आने का नहीं।

—————-

Comments are closed.