ज़िन्दगी में ना ज़ाने कौनसी बात “आख़री” होगी, ना ज़ाने कौनसी रात “आख़री” होगी

Very Very Good Morning Ji

ज़िन्दगी में ना ज़ाने कौनसी बात “आख़री” होगी, ना ज़ाने कौनसी रात “आख़री” होगी, मिलते, जुलते, बातें करते रहो यारों एक दूसरे से, ना जाने कौनसी “मुलाक़ात” आख़री होगी।

कोशिश करे कि जिँदगी का हर लम्हा अपनी तरफ से हर किसी के साथ अच्छे से गुजरे क्योकि जिन्दगी नहीं रहती पर अच्छी यादें हमेशा जिन्दा रहती हैं सदा मुस्कुराते रहिये।

किसी ने एक विद्वान से पूछा की “आज के समय में सच्ची इज्जत किसकी होती है..??” विद्वान ने जवाब दिया की “इज्जत किसी इंसान की नहीं होती जरूरत की होती है। “जरूरत खत्म, इज्जत खत्म” यही दुनिया का रिवाज है।

प्रिय मित्र आपको यह आर्टिकल पसन्द आया हो तो Comments जरूर कीजिएगा। दिल से बहुत बहुत शुक्रिया मेरे प्रिय मित्र। बजरंगबली सब मनोकामना पूर्ण करें, उनका स्नेह आपको और आपके सारे परिवार को सदैव मिले।:):):)

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