ना बुलेट गाड़ी ना ही रखूं हथियार, एक है सीने में जिगर और दुसरे जिगरी यार।

ना बुलेट गाड़ी ना ही रखूं हथियार,

एक है सीने में जिगर और दुसरे जिगरी यार।

 

ना बुलेट गाड़ी ना ही रखूं हथियार, एक है सीने में जिगर और दूसरे जिगरी यार

इश्क की कैसी बेबसी है,

आंखों में आंसू

और लबों पर हंसी है।

 

ठुकरा के मेरी मोहब्बत मुझे तड़पाओ ना,

बहुत दूर रह लिया अब पास आ जाओ ना।

 

फितरत हमारी है ऐसी,

रखते हम किसी से बैर नहीं।

फिर भी पंगा लिया हमसे,

तो समझ लेना तुम्हारी खैर नहीं।

 

हम खुद को दुनिया के नजरों से जरा दूर रखते है,

शायद इसलिए सबको हम जरा मगरूर लगते है।

 

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