मैं खुल के हँस रहा हूँ फकीर होते हुए वो मुस्कुरा भी ना पाया अमीर होते हुए

वाईफ:अगर मै माउंट एवरेस्ट

पर चढ़ूँ तो आप मुझे क्या दोगे?

हसबंड:पगली

इसमें पूछने वाली क्या बात है

धक्का।

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नवरात्री में दारु चिकन छोड़ने वाले भक्त जितनी शिद्दत से दशहरे का इंतज़ार करते है

उतना तो नोकरीपेशा व्यक्ति अपनी सेलरी का भी नही करता।

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