वक्त, ख्वाहिशें और सपने, हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते है

सभी को सुख देने की क्षमता भले ही आप के न हो,

किन्तु किसी को दुःख न पहुँचे यह तो आप के हाथ में ही है।

क्यों डरे किजिंदगी में क्या होगा,

हर वक़्त क्यों सोचे की बुरा होगा,

बढ़ते रहे मंजिलों की ओर हम,

कुछ ना भी मिले तो क्या हुआ, तजुर्बा तो नया होगा।

पलक झुका कर सलाम करते है,

दिल की दुआ आपके नाम करते है,

काबुल हो अगर तो मुस्कुरा देना,

हम यहाँ प्यार से दिन आपके नाम करते है।

जब तक मन में लालच,

स्वार्थ इर्ष्या, नफ़रत पलते रहेंगे ….

शांति कभी नहीं मिलेगी ..

जब ये बात हम सभी जानते है,

तो फिर मानते क्यों नहीं।

अगर निभाने की चाहत दोनों और से हो तो,

जीवन क कोई भी रिश्ता विफल नहीं होता।

अगर किसी परिस्थिति के लिए,

आपके पास सही शब्द नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये,

शब्द उलझा सकते है पर मुस्कराहट हमेशा काम कर जाती है।

वक्त, ख्वाहिशें और सपने…

हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते है।

जिसे हम उतार कर रख भी दें… तो भी चलती रहती है।

ॐ सुप्रभात ॐ जय श्री कृष्णा!!!

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