शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है, जानें इसका पौराणिक महत्व और पूजा की विधि

शिवरात्रि का पौराणिक महत्व

शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है जाने इसके पीछे की कहानी

 
 

पौराणिक कथा के अनुसार इसी पावन रात्रि को भगवान शिव ने संरक्षण और विनाश का सृजन किया था और इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। भगवान शिव और मां आदि शक्ति के मिलन की रात को धर्म ग्रंथ में शिवरात्रि कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महा शिवरात्रि की रात कोआध्यात्मिक शक्तियां जागृत होती हैं।
महाशिवरात्रि पूजा विधि 

 
 

शिवपुराण के कथा अनुसार व्रती को प्रातः काल उठकर स्नान आदि करके बिना कुछ खाए मस्तक पर भस्म का तिलक और गले में रुद्राक्ष की माला को धारण कर शिवालय में जाकर शिवलिंग का विधि विधि वत पूजन एवं भगवान शिव को नमस्कार करना चाहिए। उसके बाद उसे श्रद्धापूर्वक व्रत का इस प्रकार संकल्प करना चाहिए। तमाम शिवालयों में मुर्दे की भस्म भी लगाई जाती है।

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