IND vs ENG: टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट ड्रॉ होने से हुआ नुकसान, जानिए कैसे

 नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम (IND vs ENG Nottingham Test) में हुआ 5 टेस्ट की सीरीज का पहला मैच ड्रॉ रहा. इस मुकाबले में 5वें और आखिरी दिन बारिश की वजह से एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी. इसी कारण मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ. हालांकि, टीम इंडिया के पास इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त लेने का मौका था. क्योंकि उसे जीतने के लिए 157 रन और बनाने थे, जबकि उसके 9 विकेट बाकी थे. लेकिन बारिश टीम इंडिया और जीत के बीच आ गई.


मैच ड्रॉ होने की वजह से टीम इंडिया को नुकसान उठाना पड़ा. विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (ICC World Test Championship) के नए प्वाइंट्स सिस्टम (WTC Points System) के तहत मैच ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को बराबर 4-4 अंक मिले. इस लिहाज से भारत को नुकसान हो गया. क्योंकि उसके पास मैच जीतकर पूरे 12 अंक लेने का मौका था.

बता दें कि भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के दूसरे सीजन का आगाज हुआ है. इस बार प्वाइंट्स सिस्टम में भी बदलाव हुए हैं. इसलिए हर मैच का नतीजा अहम है. भारत विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के पहली साइकिल में सबसे ज्यादा अंक हासिल कर फाइनल में पहुंचा था. जून में हुए खिताबी मुकाबले में उसे न्यूजीलैंड से हार मिली थी. इस बार भी टीम इंडिया जीत के उसी सिलसिले को बरकरार रखने के इरादे से उतरी. लेकिन पहला ही मैच उसे ड्रॉ खेलना पड़ा और उसे पूरे अंक हासिल नहीं हो पाए.


आईसीसी ने WTC के प्वाइंट सिस्टम में बदलाव किया
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के दूसरे साइकिल के लिए प्वाइंट सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है. दूसरे सीजन में एक मैच जीतने पर 12 अंक (प्वाइंट्स) मिलेंगे. मुकाबला टाई होने पर दोनों टीमों को 6-6, जबकि ड्रॉ होने की स्थिति में चार-चार अंक मिलेंगे. टीमों ने मैच खेलकर जो अंक हासिल किए हैं, उनके प्रतिशत अंकों के आधार पर टीमों की रैंकिंग तय होगी.

WTC के दूसरे सीजन में हर मैच के बराबर अंक
इस बार जीतने वाली टीम के पास जीत प्रतिशत प्वाइंट 100 फीसदी होंगे. टाई करने वाली टीम 50 फीसदी अंक ही हासिल कर पाएगी. इसके अलावा टेस्ट ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को बराबर 33.33 फीसदी अंक मिलेंगे. पहले सीजन में हर सीरीज के बराबर 120 अंक होते थे, फिर चाहें यह 2 टेस्ट की सीरीज हो या पांच की. लेकिन इस बार हर टेस्ट के बराबर अंक होंगे. यानि दो टेस्ट की सीरीज में 24 अंक और पांच टेस्ट मैच की सीरीज होने में 60 अंक होंगे.


टीम इंडिया को दूसरी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में 19 टेस्ट खेलने हैं और इस दौरान उसे इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों से भिड़ना है.