ATM में पैसे न हों तो बैंकों को भरना होगा जुर्माना, पढ़िए RBI का नया निर्देश

 कई बार ऐसा होता है कि एटीएम ATM में कार्ड डाला लेकिन पैसा नहीं निकला. एटीएम के डिसप्ले पर लिखा आता है- आउट ऑफ कैश(Out of Cash), टेंपररली आउट ऑफ सर्विस (Temporarily Out of Service) वगैरह. कई बार ये भी लिखा होता है कि इसके लिए आप बैंक के नजदीकी ब्रांच में संपर्क करें और कई बार ऐसा भी होता है कि एटीएम के डिसप्ले पर पहले से मैसेज चल रहा होता है कि मशीन में कैश नहीं है.

ऐसी स्थिति में कस्टमर बिना कार्ड लगाए एटीएम से वापस हो जाता है. लेकिन इसमें कस्टमर की कोई गलती नहीं कि वह पैसे के लिए एटीएम में जाए लेकिन उसमें पैसे ही न हों. अब रिजर्व बैंक ने इसके लिए खास निर्देश दिया है. अब एटीएम में पैसे नहीं होंगे तो बैंक पर जुर्माना लगाया जाएगा. रिजर्व बैंक ने मंगलवार को इसका ऐलान किया.

1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

यह नियम 1 अक्टूबर से लागू हो रहा है. रिजर्व बैंक RBI ने एक बयान में कहा है कि एटीएम में पैसे न होने की शिकायत पर गौर किया गया है. इसकी समीक्षा में पाया गया कि एटीएम का ऑपरेशन पैसे की कमी से नहीं होता है या प्रभावित होता है तो इससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसलिए फैसला किया गया है कि बैंक या व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेशन अपने सिस्टम को दुरुस्त करें और एटीएम में कैश की उपलब्धता की निगरानी करें ताकि पैसे की कमी को दूर किया जा सके. इस नियम का पालन नहीं होने पर गंभीरता से लिया जाएगा और आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा.

कितना लगेगा जुर्माना?

RBI के मुताबिक, अगर किसी एटीएम में एक महीने में 10 घंटे से ज्यादा तक कैश नहीं होगा तो उस स्थिति में 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा. व्हाइट लेबल एटीएम की स्थिति में जुर्माना बैंकों पर लगाया जाएगा. कुछ बैंक एटीएम में कैश डालने के लिए कंपनियों की सेवा लेते हैं. उनकी स्थिति में बैंक को जुर्माना भरना होगा. इसके बदले बैंक उस व्हाइट लेबल एटीएम कंपनी से जुर्माने की भरपाई कर सकता है.

रिजर्व बैंक ने कहा कि एटीएम में कैश नहीं होने की स्थिति में सिस्टम जनरेटेड स्टेटमेंट देना होगा. यह स्टेटमेंट आरबीआई के इश्यू डिपार्टमेंट को भेजा जाएगा जिसके अंतर्गत एटीएम आता है. ‘मिंट’ ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है.

पहले से है 100 रुपये का नियम

अक्सर ऐसा भी होता है कि एटीएम से पैसे नहीं निकले लेकिन खाते से कट गए. इसको लेकर भी आरबीआई ने नियम बना रखे हैं. जिस बैंक के एटीएम में ऐसा होता है, उसकी ओर से हर्जाना दिए जाने का प्रावधान है. इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक ने खास नियम बनाया है. पंजाब नेशनल बैंक ने बताया है कि अगर ट्रांजेक्शन पूरा नहीं हो पाता है तो तुरंत अकाउंट में पैसे क्रेडिट कर दिए जाते हैं. इसके लिए ग्राहक को कोई शिकायत करने की जरूरत नहीं होती है.

अगर कभी ऐसा नहीं हो पाता है तो आरबीआई के नियमों के अनुसार, 7 दिन के अंदर ही शिकायत का निपटारा करना जरूरी है. पीएनबी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी दी है कि आरबीआई गाइडलाइंस के अनुसार, बैंक को 7 दिन से ज्यादा लेट होने के बाद बाद हर दिन के हिसाब से 100 रुपये ग्राहक को हर्जाने के रुप में देने होंगे.