ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर आने वाली फ्लैश सेल को रोकने के लिए क्‍या कर रही है सरकार

 केंद्र सरकार ने लोकसभा में साफ कर दिया है कि सरकार की तरफ से छोटे व्‍यापारियों को नुकसान से बचाने के लिए ऑनलाइन रिटेलर्स की तरफ से फ्लैश सेल जैसे तरीकों से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. उपभोक्‍ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने एक सवाल के जवाब में इस बारे में विस्‍तार से जानकारी दी है. गौरतलब है कि त्‍यौहारों के समय फ्लैश सेल में कई बड़े-बडे़ उत्‍पाद इसी फ्लैश सेल में ऑनलाइन साइट्स पर कुछ ही मिनटों में बिक जाते हैं.

सरकार से पूछा गया सवाल

पीयूष गोयल ने प्रश्‍नकाल के दौरान पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए यह जानकारी दी. उनसे पूछा गया था कि सरकार ने उपभोक्‍ता संरक्षण नियम 2020 में संशोधन करने का मन बनाया है और क्‍या सरकार ने उपभोक्‍ताओं पर फ्लैश सेल्‍स पर प्रतिबंध लगाए जाने के प्रभावों को पता लगाने का प्रयास किया है? इसके जवाब में पीयूष गोयल ने कहा कि उपभोक्‍ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम 2020 को 23 जुलाई 2020 को नोटिफाइड किया गया था.

सरकार ने आमंत्रित किए प्रस्‍ताव

उन्‍होंने कहा ई-कॉमर्स में गलत बिजनेस ट्रेंड्स, जो उपभोक्‍ताओं को नुकसान पहुंचाते हैं, उन्‍हें रोकने के लिए एक फ्रेमवर्क को मजबूत बनाने के मकसद से केंद्र सरकार ने इसमें संशोधन के लिए प्रस्‍ताव आमंत्रित किए हैं. इन प्रस्‍तावों को वेबसाइट पर आमंत्रित किया गया है. प्रस्‍तावित संशोधनों में धोखा देने वाले फ्लैश सेल पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है. यानी वो फ्लैश सेल जिसमें कंपनियां अपने प्‍लेटफॉर्म पर प्रॉडक्‍ट्स और सर्विसेज को बेचने के लिए प्रतिबंधित विक्रेता या विक्रेताओं के समूह को टेक्‍नोलॉजी का प्रयोग करके सक्षम बनाती हैं, उन्‍हें बैन किया जाएगा.

सरकार ने जताई चिंता

पीयूष गोयल ने बड़े ऑनलाइन रिटेलर्स के बढ़ते प्रभावों पर चिंता जताई है. वो इस बात को लेकर परेशान हैं कि बड़े रिटलेर्स की वजह से छोटे व्‍यापारियों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे में सरकार उन कदमों को उठाने के लिए तैयार हैं जिनसे इनके हितों की रक्षा हो सके. पीयूष गोयल ने सदन में कहा कि बड़े रिटेलर्स का एक बड़ा प्रभाव देखने को मिल रहा है. ऐसे में उपभोक्‍ताओं के पास ज्‍यादा दाम पर सामान खरीदने के अलावा और कोई विकल्‍प नहीं रह जाएगा.

जून में क्‍या कहा था सरकार ने

इससे पहले सरकार ने जून में साफ कर दिया था कि अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के डिस्‍काउंट ऑफर्स और फ्लैश सेल पर फिलहाल रोक नहीं लगेगी. कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍ट्री ने इस मामले पर मंगलवार को साफ तौर पर कहा कि डिस्‍काउंट ऑफर्स और फ्लैश सेल पर रोक लगाने का इरादा नहीं है. नया ड्राफ्ट ई कॉमर्स पोर्टल की बिजनेस एक्टिविटी पर रोक नहीं लगा रही है. इससे पहले, यह खबर थी कि सरकार ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर गलत तरीके से भारी छूट, Flash Sale और मिस सेलिंग पर लगाम लगाने के लिए नियमों बदलाव करने जा रही है. जिससे फ्लैश सेल पर लगाम लग जाएगी.

कुछ और था सरकार का रुख

कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्‍ट्री की ओर से 22 जून को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर इस मामले पर सफाई जारी की गई. मंत्रालय का कहना है कि ई कॉमर्स प्लेटफार्म पर डिस्काउंट/ सेल जारी रहेगी. सरकार का फ्लैश सेल पर रोक लगाने का कोई इरादा नहीं है. मंत्रालय ने साफ किया कि नया ड्राफ्ट ई-कॉमर्स पोर्टल की बिजनेस एक्टिविटी पर कोई रोक नहीं लगा रहा है. फ्लैश सेल की आड़ में ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी और फर्जी कंपनियों पर रोक लगाने के लिए नए प्रावधान ड्राफ्ट रूल में शामिल किए गए हैं. हालांकि ये रूल्स अभी फाइनल नहीं हुए हैं.