The Hundred: स्मृति मांधना की आतिशी पारी ने बिखेरी चमक, चौके-छक्के उड़ाते हुए टीम को फाइनल में पहुंचाया

 इंग्लैंड में इन दिनों द हंड्रेड (The Hundred) टूर्नामेंट की धूम है. एक साथ खेले जा रहे महिलाओं और पुरुषों के इस टूर्नामेंट में जबरदस्त मुकाबले और प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. टूर्नामेंट में भारत की भी पांच महिला क्रिकेटर अपना जलवा दिखा रही हैं और अभी तक अलग-अलग मौकों पर कमाल कर चुकी हैं. बुधवार 11 अगस्त को बारी थी भारतीय टीम की आक्रामक सलामी बल्लेबाज स्मृति मांधना (Smriti Mandhana) की, जो इस टूर्नामेंट में सदर्न ब्रेव की ओर से खेल रही हैं. स्मृति ने साउथैंप्टन में हुए इस मुकाबले में अपने बल्ले की ऐसी धाक जमाई की, विरोधी गेंदबाज पस्त हो गए और उनकी टीम ने टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया. इसके दम पर सदर्न ब्रेव (Southern Brave) को बड़ी जीत मिली और उसने फाइनल में जगह बना ली.

सदर्न ब्रेव ने वेल्श फायर (Welsh Fire) के खिलाफ पहले बल्लेबाजी की और टीम के लिए दोनों आक्रामक ओपनर, स्मृति और डेनी वायट ने अंधाधुंध शुरुआत की. पारी की 100 में से 69 गेंदें इस जोड़ी ने खेलीं और 107 रन कूट डाले. इस दौरान दोनों ने अपने-अपने अर्धशतक जमाए. डैनी वायट 107 के स्कोर पर आउट हुईं. उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में 8 चौके और 1 छक्के की मदद से 53 रन ठोके. ब्रेव ने इस शुरुआत का फायदा उठाया और मजबूत स्कोर की ओर कदम बढ़ाए.

स्मृति के बल्ले ने उगले शोले

वेल्श फायर के गेंदबाज अपनी टीम के नाम के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सके और उल्टे स्मृति का बल्ला लगातार आग उगलता रहा, जिसमें वेल्श कें गेंदबाजों के हाथ जला दिए. वेल्श के गेंदबाजों के लिए स्मृति को रोक पाना मुश्किल साबित हुआ और उन्होंने चौके-छक्कों की बरसात करते हुए टूर्नामेंट में अपना दूसरा अर्धशतक जमाया. वह पारी की 97वीं गेंद पर आउट हुईं, लेकिन तब तक 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 78 रनों की (52 गेंद) आतिशी पारी खेल चुकी थीं.

फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम

उनके साथ आखिर में सोफिया डंकली ने भी सिर्फ 13 गेंदों में तेजी से 23 रन उड़ाए. ऐसी बल्लेबाजी की मदद से सदर्न ब्रेव ने 100 गेंदों में 166 रन (3 विकेट) का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो महिलाओं के टूर्नामेंट में सबसे बड़ा स्कोर है. इसके जवाब में वेल्श की टीम 100 गेंदों में 4 विकेट खोकर 127 रन ही बना सकी और 39 रनों से मैच हार गई. इस जीत के साथ ही सदर्न ब्रेव पॉइंट्स टेबल के शीर्ष पर अपनी जगह पक्की करते हुए टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम भी बन गई.