चेतेश्वर पुजारा बने टीम इंडिया का सिरदर्द, ढाई साल में एक भी शतक नहीं, पिछली 10 पारियों में 25 रन तक नहीं बने

 चेतेश्वर पुजारा फिर से असफल रहे. इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन वे 23 गेंदों पर नौ रन बनाकर आउट हुए. उन्हें जेम्स एंडरसन ने आउट किया. चेतेश्वर पुजारा क्रीज पर उतरने के बाद किसी भी समय सहज नहीं दिखे. उन्होंने बाहर जाती गेंदों से छेड़ने का प्रयास किया और एंडरसन की एक ऐसी ही गेंद पर स्लिप में कैच दिया. इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में उनकी खराब फॉर्म का सिलसिला जारी रहा. नॉटिंघम टेस्ट की पहली पारी में भी वे नहीं चले थे और दूसरी पारी में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था. लगातार बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहने से टीम इंडिया की दीवार कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा पर दबाव बढ़ता जा रहा है. साथ ही उनकी नाकामी से मिडिल ऑर्डर भी बहुत जल्दी एक्सपोज हो जाता है. रन बनाने का अतिरिक्त जिम्मा सलामी जोड़ी और निचले क्रम के बल्लेबाजों को उठाना पड़ता है.

चेतेश्वर पुजारा ने आखिरी टेस्ट शतक जनवरी 2019 में बनाया था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में उन्होंने 193 रन की पारी खेली थी. इसके बाद से उनके शतक का इंतजार है. 2020 के बाद से नंबर तीन पर खेलते हुए 23 पारियों में वे केवल 552 रन बना सके हैं. उनकी औसत केवल 25 है. हालांकि 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने कुछ जुझारू पारियां खेली थीं लेकिन इसके अलावा वे रन बनाने के लिए जूझते ही दिखे हैं. अपनी पिछली 10 पारियों में पुजारा 25 रन तक भी नहीं पहुंच पाए हैं. इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 21 रन का रहा है. इंग्लैंड दौरे पर वे अभी तक 8, 15, 4, नाबाद 12 और 9 रन ही बना सके हैं. इंग्लैंड में यह उनका तीसरा टेस्ट है. इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट के अलावा उन्होंने एक टेस्ट न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी खेला था.

भारत में भी डांवाडोल है पुजारा का हाल

विदेशों के साथ ही भारतीय पिचों पर भी उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है. इसी साल जनवरी-फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्होंने पहले टेस्ट की पहली पारी में 73 रन बनाए थे. लेकिन इसके बाद मामला बिगड़ गया. 73 रन की पारी के बाद उन्होंने 15, 21,7,0, और 17 रन बनाए हैं. ऐसे में पुजारा की टीम इंडिया में जगह पर खतरा मंडरा रहा है. बड़ी पारी की कमी के साथ ही उनके खेलने का स्टाइल भी सवालों के घेरे में हैं. इसके चलते ही उनकी ज्यादा खिंचाई हो रही है. क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन ठीक रहा था. उन्होंने सिडनी और ब्रिस्बेन टेस्ट की कुल चार में से तीन पारियों में अर्धशतक लगाए थे. इन दोनों टेस्ट में भारत ने जबरदस्त खेल दिखाया था.