इस देश में फिर से लगा लॉकडाउन, 6 महीने बाद फिर से मिला कोरोना का एक केस

न्यूजीलैंड (New Zealand) में 6 महीने बाद कोरोना (Coronavirus) का एक केस सामने आया है. आशंका जताई जा रही है कि यह कोरोना का डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) हो सकता है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री Jacinda Ardern ने मंगवार से पूरे देश में लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है. 

पिछले 6 महीने में कोरोना का पहला केस

पीएम Jacinda Ardern ने कहा कि देश 6 महीने से कोरोना (Coronavirus) के नए मामलों से पूरी तरह मुक्त था. ऐसे में डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) का पहला मामला सामने आने के बाद सरकार कोई रिस्क नहीं ले सकती. टेलिविजन के जरिए देश को संबोधित करते हुए पीएम Ardern ने कहा, ‘हमने देखा है कि अगर इस वेरिएंट के मामले बढ़ने शुरू हो जाते हैं तो उसके क्या नतीजे हो सकते हैं. इसलिए हमें इससे बचने का केवल एक चांस मिला है और हमें इसका लाभ उठाना है.’ 

ऑस्ट्रेलिया के संघर्षों का दिया हवाला

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के कोरोना (Coronavirus) के खिलाफ संघर्षों का हवाला देते हुए कहा कि पड़ोसी देश ने डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में इस वेरिएंट के घातक नतीजे देखने के बाद यह जरूरी है कि हम इस मुद्दे पर तुरंत और उचित फैसला लें. जिससे इस वायरस को फैलने से रोका जा सके. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड (New Zealand) की ऐसी हालत न हो, इसलिए हमें अभी से सख्त कदम उठाने होंगे और सावधान रहना होगा. इसके बाद धीरे-धीरे करके हम इस मुद्दे पर ढील देते जाएंगे. 

मंगलवार रात से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन

पीएम Jacinda Ardern ने कहा कि कोरोना (Coronavirus) के डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) के फैलाव को रोकने के लिए देश में मंगलवार रात से 3 दिन का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगा दिया गया है. इसके साथ ही देश में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्ती भी बढ़ा दी गई है. अधिकारियों ने कहा कि लॉकडाउन जैसा सख्त कदम उठाने का एक कारण यह है कि ऑकलैंड में डेल्टा वेरिएंट मिलने का बॉर्डर या प्रबंधित आइसोलेशन से कोई संबंध नहीं है. 

बताते चलें कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ बेहतरीन प्रबंधन के मामले में दुनियाभर में न्यूजीलैंड (New Zealand) की सराहना हुई है. वहां की 50 लाख की आबादी में केवल 26 लोगों की कोरोना से मौत हुई है. 

पिछले एक साल से बिता रहे खुला जीवन

इसी प्रबंधन का नतीजा था कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से वहां लोग खुले में जीवन बिता रहे ते और सामाजिक समारोहों पर भी कोई रोक नहीं थी. वहां मास्क का उपयोग भी काफी सीमित कर दिया गया था. हालांकि वैक्सीनेशन के मामले में न्यूजीलैंड अभी पीछे चल रहा है. वहां पर अब तक करीब 20 प्रतिशत आबादी का ही टीकाकरण हो सका है.