IPL में आ जाए The Hundred का ये नियम, तो टूर्नामेंट हो जाएगा मजेदार, दिग्गज कप्तान ने दिया सुझाव

 दुनिया की सबसे मशहूर टी20 क्रिकेट लीग, आईपीएल (IPL 2021), एक बार फिर शुरू होने जा रही है. लीग का मौजूदा सीजन मई में कोरोनावायरस के कारण स्थगित हो गया था और अब 19 सितंबर से इसके बचे हुए हिस्से को फिर से शुरू किया जाएगा. IPL 2021 के स्थगित होने और दोबारा शुरू होने के बीच एक और टूर्नामेंट खेला जा चुका है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच काफी चर्चा बटोरी है. ये है इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड का- ‘द हंड्रेड’ (The Hundred). सौ गेंदों वाले इस टूर्नामेंट का आगाज पिछले महीने ही हुआ था और अब ये अपने अंजाम को पहुंच चुका है. नए फॉर्मेट के अलावा कई नए नियमों ने भी इसके रोमांच को बढ़ाने में अपना योगदान दिया. ऐसे में इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान डेविड गावर (David Gower) का मानना है कि द हंड्रेड के एक नियम को आजमाकर आईपीएल और भी बेहतर हो जाएगा.

गावर का इशारा स्लो ओवर रेट को है, जिसके कारण आईपीएल में अक्सर मैच तय समय से ज्यादा लंबे खिंच जाते हैं. सिर्फ आईपीएल ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी धीमी ओवर गति के कारण अक्सर टीमों को और आईसीसी को आलोचना झेलनी पड़ती है. अभी तक इसके लिए सिर्फ आर्थिक जुर्माना लगाया जा रहा था, लेकिन आईसीसी ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में इसकी सजा के तौर पर पॉइंट्स काटने का फैसला किया है. इसी तरह बीसीसीआई ने भी IPL 2021 सीजन में स्लो ओवर रेट के लिए जुर्माने के साथ ही कप्तान पर प्रतिबंध का प्रावधान भी किया.

स्लो ओवर रेट का नियम अपना सकता है IPL

हालांकि, द हंड्रेड में नियम कुछ अलग है और गावर इसे ही आईपीएल में भी देखना चाहते हैं. बाएं हाथ के पूर्व स्टाइलिश बल्लेबाज ने कहा, “अगर IPL को द हंड्रेड से कोई आइडिया लेना हो, तो वो फील्डिंग टीम पर धीमी गति के लिए, फील्ड प्लेसिंग की सजा को अपना सकते हैं, ये किसी भी मुकाबले को बदल देगा. कह सकते हैं कि हंड्रेड से ये एक अच्छा आइडिया आया है. मुझे ओवर रेट को लेकर कोई परेशानी नहीं है, लेकिन अच्छा होगा कि लोग ओवर रेट को बरकरार रख सकें.”

The Hundred में मिलती है ये सजा

असल में द हंड्रेड में स्लो ओवर रेट की स्थिति में फील्डिंग करने वाली टीम को तुरंत सजा मिल जाती है. इसके लिए फील्डिंग टीम को एक फील्डर को 30 गज के सर्किल के अंदर तैनात करना पड़ता है, जिसके कारण बाउंड्री पर उन्हें एक फील्डर की कमी के साथ ओवर निकालना होता है. इससे बल्लेबाजी कर रही टीम के पास आक्रामक शॉट खेलने का मौका बन जाता है.