इंग्लैंड में फिर चमकेंगे ऋषभ पंत, अगर हो जाए बल्लेबाजी में इस ‘कंफ्यूजन’ का अंत!

 ऋषभ पंत (Rishabh Pant) करामाती खिलाड़ी हैं. करामाती इस लिहाज से क्योंकि वो विरोधी टीम या उसके गेंदबाज के कद के हिसाब से नहीं खेलते, बल्कि उन्हें ये पता रहता है कि उन्हें क्या करना है. हाल के दिनों में भारत (India) ने जब भी कोई टेस्ट मैच बड़े उलटफेर के बाद जीता है तो उसकी पटकथा ऋषभ पंत के बल्ले से निकली है. यही वजह है कि जिस टीम में विराट कोहली, अजिक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा जैसे बल्लेबाज शामिल हैं, वहां विरोधी टीम को फिक्र ऋषभ पंत की सताती है.

भारत की परेशानी ये है कि पिछले 3 टेस्ट मैच से ऋषभ पंत में एक बदलाव दिख रहा है. एक ऐसा बदलाव जिसका असर उनकी बल्लेबाजी पर भी पड़ा है. ये बदलाव है वो दिमागी उधेड़बुन जो ऋषभ पंत को शॉट सेलेक्शन में कन्फ्यूज कर रही है. ऋषभ पंत ‘डिफेंस’ और ‘अटैक’ की इसी कशमकश का शिकार हो रहे हैं. आंकड़ों के लिहाज से बात करेंगे तो ये फर्क आप उनके स्ट्राइक रेट से समझ सकते हैं. यूं तो टेस्ट क्रिकेट में स्ट्राइक रेट का कोई बहुत महत्व नहीं होता लेकिन ये बल्लेबाज के दिमाग को पढ़ने की समझ देता है.

पिछले 3 टेस्ट मैच में आउट होने का तरीका

इंग्लैंड (England) के खिलाफ सीरीज से थोड़ा एक टेस्ट मैच पहले चलिए. भारतीय टीम (Indian Team) न्यूज़ीलैंड (New Zealand) के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल (ICC World Test Championship Final) खेल रही थी. भारत ने पहले बल्लेबाजी की थी. रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली जब आउट होकर पवेलियन लौटे थे तब भारत का स्कोर था-149 रन. ऋषभ पंत से उम्मीद थी कि वो अपना स्वाभाविक खेल खेलेंगे और भारत का स्कोर 250 पार तो पहुंच ही जाएगा, क्योंकि बल्लेबाजी को ‘डीप’ करने के लिए विराट कोहली ने रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा, दोनों को खिलाया था. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. ऋषभ पंत चार रन बनाकर आउट हो गए. जिस तरह विकेट के बाहर जा रही गेंद पर उन्होंने शॉट खेला था वो शॉट बता रहा था कि ऋषभ पंत ‘छोड़ने’ और ‘मारने’ के बीच उलझे हुए हैं.

दूसरी पारी में तो खैर ऋषभ पंत थोड़े बदकिस्मत थे क्योंकि हेनरी निकोल्स ने कमाल का कैच लपका था. अब आइए इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में. पहले टेस्ट मैच में बारिश ने खलल डाला. ऋषभ पंत को एक ही पारी में बल्लेबाजी का मौका मिला. लेकिन उस मौके को भी वो भुना नहीं पाए. उन्होंने 25 रन के स्कोर पर जॉनी बेयरस्टो को शॉर्ट कवर पर कैच थमा दिया. लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने विकेटकीपर को कैच थमाया. दूसरी पारी में भी ऋषभ पंत का कैच विकेटकीपर के दस्ताने में था. आप चाहें तो इन सभी मौकों पर ऋषभ पंत के शॉट्स का वीडियो देखिए. आप पाएंगे कि हर बार उनकी निर्णय क्षमता में गड़बड़ी हुई है.

ऑस्ट्रेलिया दौरे में था सिर्फ एक मूलमंत्र- अटैक

अब आप ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद कीजिए. सिडनी टेस्ट मैच में उन्होंने 118 गेंद पर 97 रन बनाए थे. ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम इतिहास रचने जा रही है. लेकिन ऋषभ पंत आउट हो गए. उनके आउट होने के बाद ही भारतीय टीम ने मैच में ड्रॉ की तरफ बढ़ना शुरू किया. ये कमी ऋषभ पंत ने अगले टेस्ट मैच में पूरी की. भारतीय टीम 328 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा कर रही थी. जब ऋषभ पंत ने 138 गेंद पर 89 रन ठोक दिए और टीम को जीत दिला कर लौटे. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट में भी ऋषभ पंत ने करिश्मा किया.

अहमदाबाद टेस्ट में इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 205 रन पर सिमट गई थी. जवाब में भारतीय बल्लेबाजी भी लड़खड़ाई. 146 रन पर 6 विकेट गिर चुके थे. ऋषभ पंत ने 118 गेंद पर शतक जड़कर भारत को मुश्किल से निकाल लिया. ये वही मैच था जिसमें वाशिंगटन सुंदर ने भी शानदार 96 रन बनाए थे. नतीजा ये हुआ कि 200 के आस पास सिमटती दिख रही टीम इंडिया ने स्कोरबोर्ड पर 365 रन जोड़ लिए. इंग्लैंड की टीम को दूसरी पारी में सिर्फ 135 रन पर समेट कर भारत ने बड़ी जीत हासिल कर ली. लेकिन इन तीनों टेस्ट मैच में ऋषभ पंत को अच्छी तरह पता था कि उन्हें क्या करना है. उनके दिमाग में सिर्फ एक शब्द था- अटैक. बाकि जो हुआ वो इस शब्द का असर था. अब ऋषभ पंत की बल्लेबाजी को देखकर ऐसा लगता है कि जब जब उनके दिमाग में ये शब्द आता है, ठीक उसी वक्त एक और शब्द जोर से उन्हें हिलाता है और वो शब्द है- डिफेंस.