धोनी क्रिकेट इतिहास में 22 अगस्त को भूलना चाहते होंगे , इंग्लैंड ने कर दिया था सफाया

 नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड के बीच फिलहाल टेस्ट सीरीज (IND vs ENG Tests) खेली जा रही है. 5 मैचों की इस सीरीज में भारत 1-0 से बढ़त बनाए हुए है लेकिन 10 साल पहले 22 अगस्त से उसकी बुरी यादें जुड़ी हैं. इंग्लैंड ने 22 अगस्त के ही दिन साल 2011 में ओवल टेस्ट जीता और सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली थी. पटौदी ट्रॉफी में भारतीय टीम एक मैच भी नहीं जीत पाई थी और इंग्लैंड ने उसका सफाया कर दिया था.


महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में साल 2011 में टीम इंडिया ने इंग्लैंड का दौरा किया और उसे बुरी तरह हार झेलनी पड़ी. द ओवल मैदान पर 18 अगस्त से शुरू हुए सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 591 रन का विशाल स्कोर बनाने के बाद घोषित कर दी. इयान बेल ने दोहरा शतक जड़ा और 364 गेंदों पर 23 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 235 रन बनाए. उनके अलावा केविन पीटरसन ने भी 175 रन बनाए और 232 गेंदों पर 27 चौके लगाए.

पीटरसन और बेल ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 350 रन की साझेदारी की. भारत के पेसर श्रीसंथ ने उस मैच में 3 विकेट लिए जबकि सुरेश रैना को 2 विकेट मिले. भारत के लिए पहली पारी में राहुल द्रविड़ ने नाबाद शतक जड़ा लेकिन उनका साथ देने के लिए कोई भी खिलाड़ी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सका. द्रविड़ और अमित मिश्रा ने मिलकर 7वें विकेट के लिए 87 रन जोड़े. द्रविड़ 146 रन बनाकर नाबाद लौटे जिन्होंने 266 गेंदों पर 20 चौके लगाए. मिश्रा ने 77 गेंदों पर 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 43 रन बनाए. इंग्लैंड के टिम ब्रेसनन और ग्रीम स्वान ने 3-3 विकेट लिए.


भारत ने पहली पारी में 300 रन बनाए और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा. दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाज कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके और 283 रन ही बन पाए. भारतीय टीम ने इस मैच को पारी और 8 रन से गंवाया. दूसरी पारी में दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने 91 और अमित मिश्रा ने 84 रन बनाए. द्रविड़ इस पारी में 13 ही रन बना पाए जबकि इंग्लिश पेसर ग्रीम स्वान ने 6 विकेट लिए. इंग्लैंड ने तब 7 साल में पहली पारी किया कि भारत को सीरीज में कोई मैच नहीं जीतने दिया.