The Hundred: रोहित-विराट के ‘यार दोस्त’ बने पहले चैंपियन, सदर्न ब्रेव ने धोनी के ‘साथियों’ की टीम को हराकर जीता खिताब

 इंग्लैंड की क्रिकेट लीग या यूं कहें कि क्रिकेट के सबसे नए फॉर्मेट द हंड्रेड (The Hundred) के पहले सीजन का अंत हो गया है. 21 सितंबर को इस टूर्नामेंट का फाइनल खेला गया, जिसमें महिलाओं के बाद पुरुषों की टीम का भी पहला चैंपियन मिल गया. महिलाओं में ओवल इन्विंसिबल्स (Oval Invincibles) ने बाजी मारी तो पुरुषों का खिताब जीता सदर्न ब्रेव (Southern Brave) ने. यानी वो टीम जिससे रोहित-विराट (Rohit Virat) की IPL टीम के यार दोस्त जैसे क्विंटन डिकॉक और टिम डेविड खेलते हैं. और, जिस टीम को हराकर सदर्न ब्रेव ने द हंड्रेड का खिताब जीता है वो है बर्मिंघम फोनिक्स (Birmingham Phoenix) यानी जिससे धोनी (Dhoni) की IPL टीम के साथी मोइन अली और इमरान ताहिर खेलते हैं. सदर्न ब्रेव ने फाइनल में बर्मिंघम फोनिक्स को 32 रन से हराकर द हंड्रेड का खिताब जीता है.

100 गेंदों वाली लीग की पहली चैंपियन बनी सादर्न ब्रेव की टीम ने फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी की और 100 गेंदों पर 5 विकेट खोकर 168 रन बनाए. सदर्न की ओर से सबसे ज्यादा 61 रन उसके सलामी बल्लेबाज पॉल स्टर्लिंग ने बनाए. रोहित के यार डिकॉक का इसमें कुछ योगदान नहीं रहा. इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने ओपन करते हुए 7 गेंदों पर 7 रन बनाए. वहीं विराट के नए साथी टिम डेविड ने 250 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 6 गेंदों पर 15 रन बनाए. सदर्न ब्रेव के लिए दूसरे टॉप स्कोरर रहे रॉस व्हाइटले, जो 19 गेंदों पर 44 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर नाबाद रहे. बर्मिंघम फोनिक्स की ओर से गेंदबाजी करते हुए मोइन अली को कोई विकेट नहीं मिला जबकि इमरान ताहिर को सिर्फ 1 विकेट नसीब हुआ. दोनों ने मिलकर 25 गेंदों की गेंदबाजी में 38 रन दिए.

सदर्न ब्रेव ने 32 रन से जीता फाइनल

धोनी के साथियों की टीम बर्मिंघम फोनिक्स के सामने द हण्ड्रेड का फाइनल जीतने के लिए अब 169 रन का लक्ष्य था. लेकिन, इस टारगेट को चेज करते हुए वो सिर्फ 136 रन पर ही ढेर हो गई. कप्तान मोइन अली ने 30 गेंदों पर 36 रन और लॉयम लिविंगस्टोन ने 19 गेंदों पर 46 रन की पारी खेली, पर वो जीत दिलाने में नाकाफी रही. विराट के नए साथी टिम डेविड ने फील्डिंग में कमाल करते हुए एक कैच पकड़े और एक रन आउट किया. बर्मिंघम फोनिक्स ने 100 गेंदें खेलने के बाद 5 विकेट खोकर 136 रन बनाए और इस तरह द हण्ड्रेड लीग के पहले चैंपियन बनने से 32 रन दूर रह गए.