एमएस धोनी और टीम इंडिया को दो इंच की दूरी पड़ी थी भारी, आज भी माही खुद को कोसते हैं

 नई दिल्ली. वनडे वर्ल्ड कप बीते 2 साल (ICC World Cup 2019) हो गए हैं. लेकिन भारतीय क्रिकेट फैंस के दिलों में आज भी न्यूजीलैंड के हाथों सेमीफाइनल (India vs New Zealand, Semi-Final) में मिली हार की टीस है. खुद टीम इंडिया के कई खिलाड़ी भी इस हार के दर्द को कई बार बयां कर चुके हैं. खासतौर पर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का वो रन आउट, जिसने न सिर्फ टीम इंडिया, बल्कि करोड़ों फैंस का विश्व कप जीतने का सपना तोड़ दिया था. खुद धोनी भी उस रन आउट के लिए अपने को आज भी कोसते हैं. क्यों तब वो दो इंच की दूरी टीम इंडिया पर बहुत भारी पड़ गई थी. ये वाकया दो साल पहले आज ही के दिन मैनचेस्टर में हुआ था.


धोनी ने अपने 14 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कभी भी रन आउट से बचने के लिए डाइव नहीं लगाई थी. क्योंकि वो भारतीय क्रिकेट में सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक थे. विकेटों के बीच उनकी दौड़ काफी तेज होती थी. लेकिन 2019 विश्व कप के सेमीफाइनल में वो क्रीज के भीतर दाखिल होने में दो इंच के फासले से चूक गए थे और तब उनका डाइव न लगाने का फैसला टीम इंडिया और विश्व कप के बीच बड़ा फासला बनकर रह गया था. हालांकि, धोनी को भी इसका पछतावा है.


धोनी को आज भी डाइव न लगाने का दुख
पूर्व भारतीय कप्तान ने पिछले साल इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान खुलासा किया था कि उन्हें आज भी ये बात चुभती है कि उन्होंने क्यों दूसरा रन लेने के दौरान डाइव लगाई. क्योंकि इससे वो केवल रन आउट होने से नहीं बचते, बल्कि विश्व कप जीतने की भारतीय उम्मीदें भी नहीं बिखरती. तब धोनी ने कहा था कि मैं करियर के पहले मैच में भी रन आउट हुआ था और इस मैच में भी मेरे साथ ऐसा हुआ. मैं खुद से कहता रहा कि क्यों मैंने डाइव नहीं लगाई. वो दो इंच आज भी याद हैं. मैं अभी भी खुद से कहता हूं कि मुझे छलांग लगानी चाहिए थी.

भारत ने बेहद खराब शुरुआत की थी
न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही थी. भारतीय टीम ने सिर्फ 19 गेंदों के अंदर रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल का विकेट गंवा दिया था. रोहित और राहुल एक-एक रन बनाकर मैट हेनरी का शिकार बने थे, जबकि कोहली का विकेट बोल्ट ने लिया था. दिनेश कार्तिक भी सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए थे और भारतीय टीम 24 रन पर चार विकेट खोकर हार के कगार पर पहुंच गई थी.

हार्दिक पंड्या और ऋषभ पंत ने थोड़ा बहुत संघर्ष दिखाया था. दोनों बल्लेबाजों ने 32-32 रन बनाए थे. 92 रन पर भारत के छह विकेट गिरने के बाद धोनी ने कमान संभाली और जडेजा के साथ 116 रन की साझेदारी की. दोनों बल्लेबाजों ने भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया था और जब जीत के लिए 14 गेंदों पर 32 रन की जरूरत थी. तब बोल्ट ने जडेजा को 77 रन के निजी स्कोर पर आउट कर मैच का पासा पलट दिया.

 


धोनी हुए रन आउट
49वां ओवर फेंक रहे लॉकी फर्ग्युसन की तीसरी गेंद पर धोनी ने लेग साइड पर शॉट खेला और एक रन पूरा करने के बाद वो तेजी से दूसरे रन के लिए भागे. लेकिन लेग साइड पर खड़े मार्टिन गप्टिल ने गेंद को तेजी से उठाते हुए सीधे विकेट पर थ्रो मार दिया. डायरेक्ट थ्रो की वजह से एमएस धोनी क्रीज से महज 2 इंच पीछे रह गए. धोनी के आउट होते ही युजवेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार के विकेट भी 5 रन के भीतर गिर गए और भारतीय टीम 221 रन पर ऑल आउट हो गई और 21 रन से मैच गंवा बैठी.