आ गया LPG का नया सिलेंडर, देखकर पता करें कितनी बची है गैस, हल्का इतना कि कोई उठा ले!

 किचन में लगे एलपीजी LPG सिलेंडर में कितनी गैस बची है, यह पता करना मुश्किल होता है. सिलेंडर में गैस दिखती नहीं है, इसलिए उसका अंदाजा नहीं होता. जब गैस पूरी तरह से खत्म हो जाए, तभी पता चल पाता है. ऐसे में लोग पहले से अगर एक्स्ट्रा सिलेंडर घर में न रखें, दिक्कत हो जाती है. इससे निजात दिलाने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने एक नए ब्रांड का एलीपीजी LPG सिलेंडर लॉन्च किया है.

इन नए ब्रांड के सिलेंडर को इंडेन कंपोजिट सिलेंडर indane composite cylinder का नाम दिया गया है. इंडेन कंपनी ने ग्राहकों को सुविधा देने के लिए यह सिलेंडर शुरू किया है ताकि लोग रीफिल की तैयारी पहले से ही कर लें. अचानक सिलेंडर खत्म होने पर आपाधापी न करने पड़े और किचन का काम न रुके. इंडेन कंपोजिट सिलेंडर उन LPG सिलेंडर से रूप-रंग में बिल्कुल अलग होगा जो भारी-भरकम स्टील के बने होते हैं. लाल रंग से पुते ये सिलेंडर इतने वजनी होते हैं कि उठाने में भी दिक्कत आती है. वजह ये है कि गैस की सुरक्षा को देखते हुए सिलेंडर को मोटी स्टील की परत से बनाया जाता है. कई वर्षों से ग्राहक ऐसे ही सिलेंडर देखते और खरीदते आए हैं.

LPG कंपोजिट सिलेंडर क्या है

इंडेन कंपोजिट सिलेंडर तीन परतों में बना होगा. पहली परत हाई डेंसिटी पॉलीथिलिन या HDPE की लाइनिंग के तौर पर बनी होगी. यही परत सिलेंडर में सबसे अंदर होगी. दूसरी परत कंपोजिट होगी जो पॉलीमर चढ़े फाइबर ग्लास से बनी होगी. अंतिम या सबसे बाहरी परत भी एचडीपीई की बनी होगी. इस तरह तीन परतों में बनाने का मतलब है कि LPG सिलेंडर सुरक्षित रहने के साथ ही ग्राहकों के लिए सुविधाजनक भी हो तो ताकि गैस की मात्रा का आसानी से पता लगाया जा सके.

LPG Composite Cylinder का फायदा

लाल और भारी-भरकम सिलेंडर की तुलना में कंपोजिट सिलेंडर हल्का होगा. मान कर चलें कि लाल वाले सिलेंडर से इसका वजन आधा तक कम होगा. आईओसीएल की वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है. वेबसाइट बताती है कि कंपोजिट सिलेंडर का वजन स्टील के सिलेंडर से आधा होगा. इसकी बॉडी पूरी तरह से पारदर्शी होगी. इससे ग्राहकों को पता चल जाएगा कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है और कब तक चल पाएगी. इस सिलेंडर को इस ढंग से बनाया गया है कि ग्राहकों को अगली रीफिल की तैयारी करने में सुविधा हो. नया सिलेंडर चूंकि पूरी तरह से एचडीपीई से बना है, इसलिए वजन का झंझट भी दूर हो गया है.

नया सिलेंडर सुरक्षित भी है

इस नए सिलेंडर में जंग भी नहीं लगेगा जिससे कि सिलेंडर फटने या लीक होने की आशंका बनी रहती है. स्टील सिलेंडर की ढुलाई आदि में दिक्कतें आती हैं. सिलेंडर पर कई तरह की खरोंच लग जाने से गंदा दिखता है. नया सिलेंडर इन सभी शिकायतों को दूर करने वाला है. किचन की शोभा बढ़ाने के लिए भी इसकी डिजाइन तैयार की गई है. अभी यह सिलेंडर देश के चुनिंदा शहरों जैसे दिल्ली, गुरुग्राम, हैदराबाद, फरीदाबाद और लुधियाना में लॉन्च किया गया है. आईओसीएल का कहना है कि नया सिलेंडर जल्द ही पूरे देश में लॉन्च किया जाएगा. अभी इन शहरों में यह सिलेंडर 5 किलो और 10 किलो के वजन में आ रहा है.

पुराना सिलेंडर दो, नया सिलेंडर लो

ग्राहक चाहें तो अपना पुराना स्टील का सिलेंडर दे कर नया कंपोजिट सिलेंडर ले सकते हैं. इसके लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट का जो बैलेंस होगा, ग्राहक को कंपनी में जमा करना होगा. कंपोजिट सिलेंडर का 10 किलो के सिलेंडर पर सिक्योरिटी डिपॉजिट 3350 रुपये और 5 किलो के लिए 2150 रुपये रखे गए हैं. अभी इस सिलेंडर को एफटीएल कैटगरी में रखा गया है. 5 किलो का कंपोजिट सिलेंडर 2537 रुपये प्लस जीएसटी देकर खरीदा जा सकता है. 5 और 10 किलो के कंपोजिट सिलेंडर को घर पर डिलीवर करा सकते हैं.