जॉब ढूंढ रहे हैं? यहां देखें- किन शहरों और किन सेक्टर्स में हैं ज्यादा संभावनाएं… कहां कितने बढ़े मौके

 कोरोना महामारी के कारण देश के विभिन्न हिस्सों लगाए गए लॉकडाउन के बाद पाबंदियां लगातार कम की जा रही हैं. कई राज्यों में लॉकडाउन हटाया जा चुका है. इससे औद्योगिक गतिविधयों में भी तेजी आई है और नौकरी के अवसर भी बढ़े हैं. जॉब पोर्टल साइकी मार्केट नेटवर्क (SCIKEY Market Network) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जून में ज्यादातर क्षेत्रों में नियुक्तियों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक आईटी यानी सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र नौकरियों के लिहाज से तेज रफ्तार से बढ़ रहा था लेकिन जून में बाकी कई क्षेत्रों में भी नियुक्ति की गतिविधियों में भी सुधार दिखा है. बिक्री, मानव संसाधन, विपणन आदि क्षेत्रों में भी वृद्धि दर्ज की गई है. यह रिपोर्ट साइकी मार्केट नेटवर्क के जॉब पोर्टल पर डाली गई नियुक्ति संबंधी आंकड़ों पर आधारित है.

किस सेक्‍टर में कितने अवसर बढ़े?

आंकड़े से पता चलता है कि मई की तुलना में जून में बैंकिंग क्षेत्र में नियुक्तियों में 21 फीसदी की वृद्धि हुई. नियुक्ति के लिहाज से आईटी और बीपीओ सेक्टर्स में 18-18 फीसदी की वृद्धि देखी गईत्र वहीं, फार्मा सेक्टर में यह वृद्धि 16.9 फीसदी, स्वास्थ्य क्षेत्र में 20 फीसदी, बीमा क्षेत्र में 12 फीसदी, रिटेल सेक्टर में पांच फीसदी, शिक्षा क्षेत्र में 12.1 प्रतिशत और एफएमसीजी सेक्टर में 16 फीसदी थी. हालांकि टेलीकॉम सेक्टर में 8 फीसदी की कमी देखी गई है.

किन शहरों में सबसे ज्यादा मौके?

शहरों के लिहाज से नौकरियों के अवसर को देखें तो टियर-1 शहरों में मई की तुलना में जून में नियुक्ति की गतिविधियों में दो अंकीय मजबूत वृद्धि दर्ज की गयी. मुंबई में 12 फीसदी, पुणे में 6 फीसदी, दिल्ली में 1 फीसदी, चेन्नई में 12 फीसदी, हैदराबाद में 12 फीसदी और कोलकाता में 20 फीसदी वृद्धि देखी गई है. हालांकि, बेंगलुरु में नियुक्ति गतिविधियां दो फीसदी कम हुई हैं. इन शहरों में पहले कई बार लॉकडाइन लगाए गए थे. जयपुर और अहमदाबाद जैसे दूसरी श्रेणी के शहरों में भी क्रमशः 30 फीसदी और 22 फीसदी की महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है.

कंपनी के को फाउंडर करुणजीत कुमार धीर ने कहा, “महामारी की वजह से आई मंदी से आखिरकार नौकरियों के बाजार को एक सही रफ्तार से उबरते देखकर अच्छा लग रहा है. लॉकडाउन लगने के बाद से यह ज्यादातर क्षेत्रों के लिए एक बुरा दौर था. पिछले महीने नियुक्ति गतिविधियों ने जोर पकड़ा जिससे रोजगार की तलाश में लगे लोगों को कुछ राहत मिली है. हमें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में नौकरियों के अवसर को लेकर हर सेक्टर में और भी सुधार देखने को मिलेंगे.