बच्चे को कराटे सिखाना परिवार के लिए बना वरदान, जब कार समेत बाढ़ में डूबे तो 10 साल के श्री ने ऐसे बचाई 6 जिंदगियां

 महाराष्ट्र लगातार हो रही बारिश कई लोगों के लिए मुश्किल बन गई हैं. ऐसे में रायगढ़ (Raigarh) जिले में आफत में फंसे एक परिवार के लिए अपने बच्चे को कराटे सिखाना वरदान साबित हुआ. जहां नवी मुंबई से अपने गांव मुरुड गया एक परिवार नवी मुंबई पनवेल लौटते वक्त बाढ़ के पानी में ढूब गया था. लेकिन बच्चे की सूझबूझ से परिवार की जान बच गई (Kid Saved his Family).

दरअसल मुरुड से परिवार अपनी एसयूवी कार से नवी मुंबई लौट रहा था. कार में सागर भयाडे, उनकी पत्नी, 2 पत्नी की सहेली, एक दस साल का बच्चा और एक करीब 5 साल का बेटा सवार थे.  लौटते वक्त गाड़ी जैसे ही एक संकरे रस्ते से गुजर रही थी वैसे ही रास्ते में एक ब्रिज के पास की जमीन धंस गई. जिसके बाद गाड़ी पानी में गिर गई. बरसात के चलते पानी काफी भरा हुआ था. देखते-देखते ही बचाओ-बचाओ की आवाजें आने लगी.

बच्चे ने करांटे का हुनर दिखाते हुए तोड़ा शीशा

ड्राइविंग सीट पर बैठे सागर भयाडे ने दरवाजा खोलना चाहा लेकिन नहीं खुला. तभी गाड़ी में एकदम पीछे वाली सीट पर बैठे श्री नाम के 10 साल के बच्चे ने अपना दिमाग चलाया. उसने अपनेकराटे का हुनर दिखाते हुए शीशे को हिट किया. उसके बाद उसने पैरों से भी कई किक मारे और कांच टूट गया. उसके बाद श्री बाहर निकला. जैसे तैसे जाकर अपने डैडी के पास दरवाजा खोला उसके बाद सागर ने पूरे परिवार को पानी से बचाने के लिए गाड़ी पर चढ़ा दिया.

गाड़ी से निकल कर पास के गांव वालों से मांगी मदद

गाड़ी के पास में ही एक पेड़ गिरा हुआ था जिसकी डालियों के सहारे पूरा परिवार 15 मिनट तक उस पेड़ को पकड़े रहा. आखिर में  सागर ने अपने 10 साल के बेटे को कंधे पर खड़ा किया और कहा कि वह पेड़ के सहारे ऊपर सड़क पर चले जाएं. जहां से कुछ गांव वाले उसे मिल सकते हैं ठीक वैसा ही हुआ जब बच्चा ऊपर पहुंचा तो उसने गांव वालों से मदद मांगी. उसके बाद गांव वालों ने आकर रस्सी के सहारे बाढ़ के पानी में डूब रहे पूरे परिवार को बाहर निकाला और इन्हें अस्पताल पहुंचाया.