रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ की कोचिंग में क्या है फर्क? शिखर धवन ने इन खूबियों के साथ दिया जवाब

 टीम इंडिया (Team India) रविवार 18 जुलाई से श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ वनडे सीरीज की शुरुआत कर रही है. इस सीरीज को भारतीय क्रिकेट में एक नए अध्याय और भविष्य की बुनियाद के तौर पर देखा जा सकता है, क्योंकि पहली बार भारत की दो अलग-अलग टीमें एक ही वक्त पर अलग-अलग फॉर्मेट की सीरीज के लिए दो देशों में मौजूद होंगी. शिखर धवन (Shikhar Dhawan) की कप्तानी में भारतीय टीम इस सीरीज में उतर रही है और बतौर कोच टीम का जिम्मा संभाल रहे हैं राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid), जिन्हें कई भारतीय फैंस मौजूदा कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) की जगह नियमित तौर पर इस भूमिका में देखना चाहते हैं. धवन उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं, जिन्हें दोनों दिग्गजों के साथ काम करने का मौका मिला है. ऐसे में धवन ने दोनों के बीच के अंतर को भी समझाया है.

श्रीलंका के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले वर्चुलअ प्रेस कॉन्फ्रेंस में धवन ने दोनों कोच की खूबियों और अलग-अलग काबिलियतों के बारे में बात की. धवन ने दोनों कोचों को सकारात्मक और ऊर्जावान बताया. धवन ने कहा, “उन दोनों की अपनी-अपनी खूबी हैं और दोनों काफी सकारात्मक इंसान हैं. मैंने रवि भाई के साथ काफी वक्त गुजारा है और उनका प्रोत्साहित करने का तरीका अलग है. रवि भाई की ऊर्जा काफी जोरदार है, वहीं राहुल भाई काफी शांत हैं, संयमित हैं और मजबूत भी हैं. हर किसी अपना-अपना तरीका है और मुझे उन दोनों के नेतृत्व में खेलने में मजा आता है.”

द्रविड़ बनेंगे टीम इंडिया के कोच?

रवि शास्त्री 2017 से भारतीय टीम के कोच हैं और ये उनका टीम इंडिया के साथ दूसरा कार्यकाल है. शास्त्री का कार्यकाल नवंबर 2021 में आईसीसी टी20 विश्व कप के बाद खत्म हो रहा है और ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं, कि द्रवि़ड़ को टीम इंडिया की जिम्मेदारी मिल सकती है. भारत की अंडर-19 और ए टीम की जिम्मेदारी संभाल चुके द्रविड़ पहली बार सीनियर टीम के कोच के रूप में किसी सीरीज का हिस्सा बन रहे हैं. द्रविड़ आगे कोच बनेंगे या नहीं, ये तो कुछ महीनों में स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन इस सीरीज के जरिए निश्चित तौर पर भारतीय फैंस को उनके स्टाइल की झलक दिख जाएगी.