Punjab: नवजोत सिंह सिद्धू आज बनाए जा सकते हैं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष! चार कार्यकारी अध्यक्षों की भी होगी नियुक्ति

 नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद (Punjab Congress Chief) की जिम्मेदारी दी जा सकती है. पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में संभावित सांगठनिक बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चा के बीच सूत्रों ने बताया कि पार्टी की राज्य इकाई में दरार जल्द ही सुलझ जाएगी. उन्होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) प्रमुख का पद संभालेंगे.

सूत्रों ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष होंगे, जबकि उनके साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे. सिद्धू के पीपीसीसी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने पर कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि उन्हें लगता है कि स्थिति अच्छी है. वह मेरे दोस्त हैं लेकिन, उन्हें भी नहीं पता कि घोषणा कब होगी. हालांकि, माना जा रहा है कि इसकी घोषणा रविवार यानी आज की जाएगी.

लंबे समय से चल रहा कैप्टन अमरिंदर और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच विवाद

लंबे समय से कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते रहे हैं. दोनों के ही बीच लंबे समय से सियासी घमासान जारी है. इसे लेकर शनिवार को सिद्धू ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ से पंचकूला स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी. इस बीच, पंजाब के प्रभारी कांग्रेस महासचिव हरीश रावत मोहाली में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास पर पहुंचे.

आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के CM पद का चेहरा बने रहेंगे अमरिंदर

हरीश रावत ने शुक्रवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी और पंजाब कांग्रेस में प्रस्तावित बदलावों को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. बैठक के दौरान सिद्धू भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पिछले हफ्ते सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी. बैठक के बाद, रावत ने दोहराया कि अमरिंदर सिंह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बने रहेंगे क्योंकि उनके शासन ने राज्य के लोगों से प्रशंसा अर्जित की है और इसलिए भी कि पंजाबी अपने राजनीतिक नेतृत्व के साथ प्रयोग नहीं करना चाहते हैं.

पंजाब कांग्रेस में सत्ता को लेकर खींचतान लगभग एक महीने से चल रही है. सिद्धू ने राज्य में बिजली संकट की आलोचना कर राज्य सरकार के खिलाफ खुलेआम बगावत कर दी थी. कांग्रेस नेतृत्व अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस दरार का हल निकालने के लिए प्रयास कर रहा है.