ऐसे बनवाएं रेलवे का मंथली पास, किराये के पैसे भी बचेंगे और रोज-रोज ट्रेन की टिकट कटाने का झमेला भी नहीं!

 How to apply for Railway MST-Monthly Season Ticket Service: रेलवे की ओर से अभी ज्यादातर ट्रेनें स्पेशल के तौर पर चलाई जा रही हैं और उनमें पहले से टिकट लेना यानी एक तरह से रिजर्वेशन कराना जरूरी है. ज्यादातर इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेनों में भी पहले की तरह व्यवस्था नहीं है कि स्टेशन गए, टिकट ली और चढ़ गए.

हालांकि कई रूट्स में जेनरल पैसेंजर ट्रेनें भी चला रही है, जिसमें जेनरल टिकट से सफर किया जा सकता है. यही नहीं, जल्द ही मंथली पास सेवा (Monthly Season Ticket Service) भी शुरू होने वाली है. डेली पैसेंजर्स यानी रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को जिन रूट्स में अक्सर सफर करना होता है, उस रूट के लिए वे सीजनल टिकट बनवाते हैं.

एमएसटी (MST) यानी मासिक सीजनल टिकट (Monthly Season Tickets) के जरिये वे रियायती दरों पर ट्रेनों में सफर करते हैं. लेकिन ​कोरोना काल में तमाम रियायती सुविधाओं के साथ एमएसटी पिछले डेढ़ साल से स्थगित की गई है. लेकिन जल्द ही रेलवे यह सुविधा शुरू करने जा रही है. ​आइए जानते हैं, मंथली पास होता क्या है, इसे कैसे बनवा सकते हैं और किन ट्रेनों में सफर कर सकते हैं…

क्या होता है मासिक सीजनल टिकट?

रेलवे की ओर से विभिन्न वर्ग के यात्रियों (बच्चों, छात्रों, आम लोगों) को रियायती दरों पर सीजनल टिकट जारी किए जाते हैं. उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों सेक्शनों के लिए एक महीने, तीन महीने या इससे ज्यादा वैलिडिटी के टिकट जारी किए जाते हैं. आप रेलवे के बुकिंग काउंटर पर आवेदन भर कर मंथली पास बनवा सकते हैं.

रेलवे में स्‍टूडेंट्स, जॉबवर्कर्स, शिक्षक, स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी  या अन्‍य किसी सेवा में कार्यरत वे लोग, जो रोजाना घर से तय दूरी में सफर करते हैं, उनके लिए यह बड़े काम की चीज है.  एक यात्री को अपने कार्यस्थल या अध्ययन स्थल से निवास के बीच यात्रा के लिए केवल एक सीजन टिकट जारी किया जाता है. वहीं दूरी सीमा का उल्लंघन करने पर अवैध मानते हुए कार्रवाई की जाती है.

मासिक पास बनवाने से कितना किराया बचता है?

द्वितीय श्रेणी मासिक सीजन टिकट का किराया सभी दूरियों के लिए एकसमान द्वितीय श्रेणी (साधारण) की 15 इकहरी यात्राओं के किराये के बराबर होता है. यानी अगर आप महीने में 25 दिन भी अप-डाउन करें तो मात्र 15 फेरे के पैसे में ही आप 25×2 यानी 50 फेरा सफर कर पाएंगे. यानी 35 फेरे के पैसे बच जाएंगे.

वहीं, प्रथम श्रेणी मासिक सीजन टिकट का किराया सभी दूरियों के लिए एकसमान द्वितीय श्रेणी किरायों से चार गुना होता है. बच्चों का सीजन टिकट किराया वयस्क के सीजन टिकट किराये से आधा होता है.

बात करें सीजनल टिकट को रीन्यू कराने की, तो सीजन टिकटों के समाप्ति के तारीख से 10 दिन अग्रिम रूप से नवीनीकरण कराया जा सकता है. ऐसे मामलों में, नवीनीकरण की तारीख से नहीं बल्कि समाप्ति के तारीख के बाद वैध माने जाएंगे.

मासिक टिकट के साथ एक पहचान पत्र भी जरूरी

प्रत्येक सीजन टिकटधारकों को प्लास्टिक कवर के साथ एक फोटो परिचय-पत्र भी जारी किया जाता है. यह अधिकतम 5 वर्ष के लिए वैध होता है. या फिर खराब हो जाने, कट-फट जाने तक वैध होता है. परिचय-पत्र पर धारक का नाम, पता, आयु, लिंग और हस्ताक्षर वगैरह होंगे. यात्री के लिए सीजन टिकट के साथ-साथ परिचय-पत्र दिखाना भी आवश्यक होगा अन्यथा उस बिना टिकट माना जाएगा. यह जरूरी है कि यात्री के विवरण परिचय-पत्र पर सही रूप में दर्ज हों और उस पर फोटोग्राफ भी चिपका होना चाहिए. बुकिंग क्लर्क स्टेशन की मुहर को इस तरीके से लगाते हैं कि आधी मुहर फोटोग्राफ पर और आधी मुहर परिचय-पत्र पर मुद्रित हो.

भारत में केंद्र या राज्य सरकार या किसी सरकारी एजेंसी द्वारा जारी फोटो वाले परिचय-पत्र, पेन-कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर परिचय-पत्र वगैरह भी सीजन टिकटें जारी करने और उनके नवीनीकरण के लिए सूबत के तौर पर स्वीकार किए जाते हैं. ऐसे दस्तावेजों के क्रमांक सीजन टिकटों पर लिखे जाने चाहिए. यात्रा करते समय यात्रियों को सीजन टिकट के साथ उक्त दस्तावेज रखना आवश्यक होगा, जिसके बिना सीजन टिकट अवैध होगा और यात्री को बिना टिकट माना जाएगा.

किन ट्रेनों में वैध होते हैं मासिक टिकट

मासिक टिकट एक्सप्रेस ट्रेनों के आरक्षित डिब्बों में वैध नहीं होते. ये केवल पैसेंजर गाड़ियों में वैध होते हैं. मेल, एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेनों के मामले में, ये केवल उन ट्रेनों में वैध होते हैं, जहां रेल प्रशासन द्वारा विशेषकर इसकी अनुमति प्रदान की गई हो. दूरी प्रतिबंध के अनुसार ये चुनी हुई गाड़ियों में यात्रा के लिए वैध होते हैं. प्रथम श्रेणी सीजन टिकटधारक संबंधित ट्रेनों में लागू दूरी प्रतिबंध के अनुसार केवल दिन के समय ही प्रथम श्रेणी डिब्बों में यात्रा कर सकते हैं.

सुपरफास्ट ट्रेनों में यात्रा करनी हो तो, क्या करें?

मासिक पास के साथ रेल प्रशासन द्वारा जहां कहीं अनुमति दी गई हो, यात्री सुपरफास्ट ट्रेनों के अनारक्षित डिब्बों में भी यात्रा कर सकते हैं. ऐसे मामलों में मासिक पासधारी को प्रत्येक यात्रा के लिए पहले से सुपरफास्ट सरचार्ज टिकट लेना होता है. नियमित रूप से सुपरफास्ट गाड़ियों में यात्रा करना चाहने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे मांग करने पर मासिक/त्रैमासिक सुपरफास्ट सरचार्ज टिकट भी जारी करती है. हालांकि, ऐसी सुपरफास्ट गाड़ियों से यात्रा करने वाले यात्रियों से सीजन टिकट पर सुपरफास्ट सरचार्ज की वसूली नहीं की जाएगी, जिनकी आरंभिक स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक कुल यात्रा दूरी 325 कि.मी. से कम हो.