टीम इंडिया का ‘इंग्लिश’ खिलाड़ी जिसने भारत को दिलाया पहला वर्ल्ड कप, सबसे ज्यादा विकेट लेकर रचा इतिहास

 भारत के 1983 वर्ल्ड कप जीतने में पूरी टीम का योगदान था. इसी टीम में रोजर बिन्नी (Roger Binny) भी थे. उन्होंने उस वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए थे और टीम को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने में जोरदार भूमिका निभाई थी. आज उन्हीं रोजर बिन्नी का बर्थडे है. भारत के लिए कई मैचों में उन्होंने अपनी मीडियम पेस गेंदबाज से विकेट निकाले और निचले क्रम में उपयोगी रन बनाए. उन्होंने भारत के लिए टेस्ट और वनडे दोनों ही फॉर्मेट खेले. वैसे तो टेस्ट में भी रोजर बिन्नी ने कुछ मैचों में कमाल किया लेकिन वनडे क्रिकेट में उनका असर ज्यादा दिखा. इसमें भी 1983 वर्ल्ड कप सबसे खास था. तब उन्होंने 18 विकेट लिए थे भारत के क्रिकेट इतिहास की नई इबारत लिखने में योगदान दिया. वर्ल्ड कप में 18 विकेट लेने का उनका रिकॉर्ड कई साल जारी रहा था.

रोजर बिन्नी भारत के पहले एंग्लो इंडियन क्रिकेटर थे. उनका संबंध ब्रिटेन से था लेकिन वे भारत में ही पैदा हुए और यहीं पर पले-बढ़े और खेले-कूदे. वे मीडियम पेसर थे और निचले क्रम के उपयोगी गेंदबाज थे. उन्होंने 1979 में भारतीय टीम में कदम रख दिया था लेकिन खुद के खेल का असर डालने में उन्हें चार साल लग गए. यह परिवर्तन 1983 के वर्ल्ड कप से ही आया. इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में उन्होंने आठ ओवर में केवल 29 रन दिए और चार विकेट चटकाए और भारत को जीत दिलाई. फिर फाइनल में वेस्ट इंडीज के खिलाफ बिन्नी ने 10 ओवर में महज 23 रन दिए और क्वाइव लॉयड के रूप में बड़ा विकेट लिया. इस तरह भारत की जीत में उन्होंने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

इंग्लैंड में भारत की टेस्ट जीत के हीरो थे बिन्नी

1983 में पाकिस्तान के खिलाफ बैंगलोर टेस्ट में उन्होंने नाबाद 83 रन बनाए और मदन लाल के साथ रिकॉर्ड 155 रन जोड़कर भारत की नैया डूबने से बचाई. इसके तीन साल बाद इंग्लैंड में भारत की टेस्ट जीत में भी रोजर बिन्नी का जलवा रहा. उन्होंने 40 रन देकर पांच विकेट इस मैच में लिए थे. इसी तरह 1987 में कलकत्ता टेस्ट में 56 रन देकर पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था. इस दौरान रोजर बिन्नी ने 30 गेंद में महज नौ रन देकर चार विकेट ले लिए थे. बिन्नी ने 27 टेस्ट में 23.05 की औसत से 830 रन बनाने के साथ ही 47 विकेट भी लिए. वहीं 72 वनडे में 629 रन बनाने के अलावा 77 विकेट निकाले.

रोजर बिन्नी घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक के लिए खेलते थे. यहीं पर 1977-78 में रणजी ट्रॉफी में केरल के खिलाफ 211 रन की पारी खेली और पहले विकेट के लिए 451 रन की साझेदारी की थी. क्रिकेट छोड़ने के बाद वे कोच बन गए थे. सन् 2000 में अंडर 19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया के कोच वही थे. फिर सितंबर 2012 में भारतीय टीम के सिलेक्टर भी बने.