15 साल तक गेंद और बल्‍ले से दहशत फैलाने के बाद इस दिग्‍गज ने लिया संन्‍यास, आखिरी मैच में बिना पैड और ग्‍लव्‍स विकेटकीपिंग की

 विराट कोहली की सेना इंग्‍लैंड में है. लड़ाई होनी है पांच मैचों की टेस्‍ट सीरीज में बादशाहत को लेकर. बहुप्रतीक्षित सीरीज का पहला मुकाबला 4 अगस्‍त से नॉटिंघम में शुरू होगा. ऐसे में न केवल इंग्‍लैंड बल्कि क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में शुमार खिलाड़ी की बात होना तो लाजिमी ही है. वो भी तब जब 15 साल के करियर में गेंद और बल्‍ले से कोहराम मचाने वाले इस खिलाड़ी का ये आखिरी मुकाबला हो. बात हो रही है इंग्‍लैंड (England Cricket Team) के धाकड़ ऑलराउंडर इयान बॉथम (Ian Botham) की. और बात इसलिए हो रही है क्‍योंकि बॉथम ने आज यानी 19 जुलाई के दिन ही अपने करियर का आखिरी फर्स्‍ट क्‍लास मैच के आखिरी दिन का खेल खेला था. आइए, बताते हैं इस ऐतिहासिक मुकाबले में कैसा रहा इयान बॉथम का प्रदर्शन.

दरअसल, साल 1993 में 19 जुलाई को इस मैच का आखिरी दिन था. बॉथम डरहम के लिए ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के खिलाफ मैदान में उतरे. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम तब इंग्‍लैंड के दौरे पर आई थी और इस टूर मैच में हिस्‍सा ले रही थी. बॉथम पहले ही ऐलान कर चुके थे कि ये मैच उनके करियर का आखिरी प्रथम श्रेणी मुकाबला होगा. इस मैच में बॉथम ने 32 रन बनाए. उन्‍होंने गेंदबाजी भी की, लेकिन उन्‍हें कोई विकेट नहीं मिल सका. हालांकि बॉथम ने इस मैच में गेंद और बल्‍ले के अलावा एक और काम करके सुर्खियां बटोरीं. दरअसल, मैच में बॉथम ने विकेटकीपिंग की जिम्‍मेदारी भी संभाली. मजे की बात ये रही कि विकेटकीपिंग करते हुए बॉथम ने न ग्‍लव्‍स पहने हुए थे और न ही पैड.

टेस्‍ट हो या वनडे, गेंद हो या बल्‍ला… हर भूमिका में फिट इयान बॉथम

इयान बॉथम ने इंग्‍लैंड के लिए 102 टेस्‍ट मैच खेले. गेंद और बल्‍ले दोनों से उन्‍होंने इस प्रारूप में अपना लोहा मनवाया. बॉथम ने टेस्‍ट क्रिकेट में 383 विकेट हासिल किए. इनमें पारी में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन 34 रन देकर आठ विकेट लेने का रहा. 27 बार पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लिए तो 4 बार मैच में दस या उससे ज्‍यादा शिकार किए. टेस्‍ट में उन्‍होंने 33.54 की औसत से 5200 रन बनाए. इनमें उच्‍चतम स्‍कोर 208 रनों का रहा. बॉथम ने 14 शतक और 22 अर्धशतक लगाए. उन्‍होंने 116 वनडे मैच भी खेले जिनमें 23.21 की औसत से 2113 रन बनाए. इसमें नौ अर्धशतक शामिल हैं. हालांकि कमाल की बात है कि दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में शुमार बॉथम 116 वनडे की 106 पारियों में एक भी शतक नहीं लगा सके. वनडे में गेंदबाजी में उन्‍होंने जरूर कमाल दिखाया और विरोधी टीम के 145 बल्‍लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई.