21 मिनट और 27 गेंद में जड़ डाला विस्‍फोटक शतक, चौकों-छक्‍कों की बारिश से मचाया कत्‍लेआम, गेंदबाज ने सिर्फ 6 ओवर में लुटा दिए 130 रन

 भारतीय क्रिकेट टीम के पिछले साल यानी 2020 में किए गए ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के बल्‍लेबाज चेतेश्‍वर पुजारा की धीमी बल्‍लेबाजी काफी आलोचना के केंद्र में रही थी. पुजारा को कई पारी में तो खाता खोलने में भी 20 से 25 गेंदें या इतने ही मिनट का समय लग जाता है. लेकिन हम आपको ये बताएं कि जितनी देर में कई बार कोई बल्‍लेबाज अपना खाता खोल पाता है, उतनी देर में तो एक बल्‍लेबाज ने शतक जड़ डाला था तो आपको यकीन करने में थोड़ा वक्‍त तो लगेगा ही. ऐसा हुआ है. और जिसकी हम बात कर रहे हैं उस बल्‍लेबाज ने सिर्फ 21 मिनट के खेल और 27 गेंदों के अंतराल में ही विध्‍वंसक शतक लगाने का ऐतिहासिक कारनामा अंजाम दिया. इस दौरान चौकों-छक्‍कों की ऐसी बारिश हुई कि गेंदबाजों के चेहरे के भाव से लेकर उनके करियर के आंकड़े तक सब बुरी तरह बिगड़ गए.

दरअसल, बात हो रही है ग्‍लेन चैपल (Glen Chapple) की. वही चैपल जिन्‍होंने आज यानी 19 जुलाई के दिन ही ये करिश्‍माई पारी खेली. ये मैच साल 1993 में ग्‍लेमॉर्गन के खिलाफ ओल्‍ड ट्रैफर्ड में खेला गया था. चैपल लैंकाशर के लिए खेल रहे थे. इसी दौरान चैपल ने सिर्फ 21 मिनट और 27 गेंदों में शतक लगाकर मार्क पेटिनी के सबसे तेज प्रथम श्रेणी शतक के रिकॉर्ड की बराबरी की. इस दौरान ग्‍लेमॉर्गन के दो गेंदबाजों का हाल बहुत बुरा हुआ. इनमें से टोनी कोटे ने सिर्फ 6 ओवर में 121 रन लुटा दिए. इसमें कोई ओवर मेडन नहीं रहा और उनके खाते में कोई विकेट भी दर्ज नहीं हो सका. वहीं मैथ्‍यू मेनार्ड ने 6 ओवर में 110 रन खर्च किए. मेडन वो भी कोई ओवर नहीं फेंक पाए अलबत्‍ता उन्‍हें एक विकेट जरूर नसीब हुआ. इस तरह लैंकाशर ने चैपल के 109 रनों की बदौलत 12 ओवर के खेल में 235 रन बनाकर पारी घोषित की थी.

8 हजार से ज्‍यादा रन और 985 विकेट

इंग्‍लैंड के दाएं हाथ के बल्‍लेबाज ग्‍लेन चैपल ने राष्‍ट्रीय टीम के लिए सिर्फ 1 मैच खेला है. इनमें उन्‍होंने 14 रन बनाए और विकेट एक भी हाथ नहीं लगा. अब जरा उनके प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड पर नजर डाल लेते हैं. ग्‍लेन ने 315 फर्स्‍ट क्‍लास मैच खेले, जिनमें 436 पारियों में 75 बार नाबाद रहते हुए 24.16 की औसत से 8725 रन बनाए. इनमें उनका उच्‍चतम स्‍कोर 155 रन रहा. वहीं 6 शतक और 37 अर्धशतक भी उनके नाम रहे. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्‍होंने 985 विकेट हासिल करने का कारनामा भी अंजाम दिया. वहीं 283 लिस्‍ट ए मुकाबलों में उन्‍होंने 17.77 के ओसत से 2062 रन बनाए. इनमें नौ अर्धशतकों का हिस्‍सा रहा. लिस्‍ट ए में सर्वाधिक स्‍कोर नाबाद 81 रन दर्ज किया गया. 320 बल्‍लेबाजों को अपनी गेंदों से भी ग्‍लेन ने लिस्‍ट ए क्रिकेट में अपना शिकार बनाया. इतना ही नहीं, उन्‍होंने 66 टी20 मैचों में भी हिस्‍सेदारी की. इसमें 301 रन बनाने के अलावा बतौर गेंदबाज 68 शिकार उनके खाते में दर्ज हुए.