IPL 2021 में सट्टेबाजी का पर्दाफाश, जेटली स्टेडियम में मास्क को लेकर हुई बहस ने किया इंटरनेशनल रैकेट का खुलासा

 IPL 2021 के दौरान पुलिस ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (Arun Jaitley Stadium) में दो सट्टेबाजों को पकड़ा था. इस मामले में अब जानकारी मिली है कि ये सट्टेबाज दुबई से चलने वाले एक रैकेट के सदस्य थे. इस रैकेट का मालिक एक ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट का मालिक भी है. गिरफ्तार किए गए दोनों सट्टेबाज दो अलग-अलग मॉड्यूल के तहत काम कर रहे थे. उन्होंने मैदान से मैच से जुड़ी जानकारी मुहैया कराने को कहा गया था. एक आईपीएल मैच के दौरान मास्क को लेकर दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर से उनकी बहस हुई थी. इसके बाद इन सट्टेबाजों से पर्दा हटा था और इन्हें पकड़ा गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट के हवाले से कहा गया है, ये लोग तीन आईपीएल मैचों के दौरान स्टेडियम में मौजूद थे. इनके साथ कुल 12 लोग कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए जुड़े हुए थे. इनमें एक आदमी दुबई से कनेक्टेड था. ये सभी ऑनलाइन बेटिंग के जरिए पैसे बना रहे थे. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के एक चपरासी बालम सिंह, आईपील के एक्रिडिटेशन से जुड़े लायजन ऑफिसर वीरेंदर सिंह शाह, कृष्ण गर्ग, मनीष कंसल, हिमांशु कुमार और संदीप कुमार को गिरफ्तार किया है. आईपीएल 2021 के दौरान मई में दिल्ली के मैचों के दौरान पुलिस ने फर्जी पहचान पत्रों के जरिए स्टेडियम में एंट्री पाने वाले कुछ सट्टेबाजों को पकड़ा था.

पुलिस से बहस के बाद फर्जी आईजी का हुआ था खुलासा

जानकारी के अनुसार, 2 मई को दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने कोटला मैदान के वीआईपी लाउंज के पास कृष्ण गर्ग और मनीष कंसल को मास्क हटाकर पकड़ा. इस पर इन दोनों ने बहस की. प्रदीप कुमार ने दोनों से उनकी आईडी मांगी. गर्ग के एक्रिडिटेशन कार्ड पर जूनियर असिस्टेंट (दक्षिण दिल्ली नगर निगम) और कंसल के कार्ड पर उसे आईबीएस फैसेलिटी मैनेजमेंट का ड्यूटी सुपरवाइजर बताया गया था. पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों का कार्ड फर्जी हैं. इन्हें बालम सिंह और वीरेंदर सिंह शाह ने बनाया था. इसके लिए बालम ने 10 तो शाह ने 40 हजार रुपये लिए थे.

लाइव स्ट्रीमिंग में देरी का फायदा लेते हैं सट्टेबाज

हालिया समय में सट्टेबाज मैदान से सीधे जानकारी लेकर सट्टे में फायदा लेते हैं. दरअसल मैदान में होने वाली घटना और टीवी पर उसके दिखने में कुछ सैकंड का समय होता है. कभी-कभी तो यह समय 10 सैकंड का रहता है. इसका फायदा लेने के लिए सट्टेबाज अपने किसी आदमी को मैदान में रखते हैं. ऐसे लोग पिच साइडर्स कहलाते हैं. ये लोग लाइव टीवी से पहले ही हर गेंद की जानकारी देते रहते हैं. पिछले कुछ समय में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं.