7th Pay Commission Salary: केंद्रीय मुलाजिमों को इस रेट से मिलेगा HRA का पैसा, सरकार ने बनाई ये तीन कैटगरी

 केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी DA hike अपने साथ कई सौगात लेकर चली है. डीए में वृद्धि तो बस मुखड़ा है, इसके साथ केंद्रीय कर्मचारियों की कई सुविधाएं बढ़ गई हैं. इसी तरह केंद्रीय पेंशनर के लिए महंगाई राहत में बढ़ोतरी हुई है. अब पेंशनर की राशि भी पहले की तुलना में बढ़ गई है. केंद्र सरकार के मातहत काम करने वाले कर्मचारियों का DA बढ़ने से पीएफ और ग्रेच्चुटी का फायदा पहले की तुलना में बढ़ जाएगा. साथ ही, हाउस रेंट अलाउंस या घर के किराये के नाम पर मिलाने वाली राशि पहले से बढ़ कर आएगी. इसे अंग्रेजी में HRA कहा जाता है. सरकार ने इसकी रिवाइज रेट या संशोधित दर लागू कर दी है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मुलाजिमों के लिए एचआरए को बढ़ाकर HRA increment 27 फीसद कर दिया गया है. हाउस रेंट अलाउंस की यह रिवाइज रेट है जो अगस्त महीने से मिलने लगेगी. यह खास सुविधा डीए बढ़ोतरी और पेंशनर के लिए डीआर बढ़ोतरी के साथ मिल रही है. जैसा कि आपको पता है, एचआरए किसी भी कर्मचारी की सैलरी का जरूरी हिस्सा होता है. ऐसे में कर्मचारी की सैलरी में कोई भी बदलाव होगा तो उसका असर एचआरए पर दिखेगा. डीए बढ़ने से बेसिक सैलरी बढ़ेगी और इसी से एचआरए में भी बढ़ोतरी होगी. चूंकि DA बदलाव हुआ है और यह बेसिक सैलरी से 25 फीसद की बढ़ोतरी के बराबर है, इसलिए एचआरए भी बढ़ गया है.

कैसे तय होगा एचआरए

HRA का अमाउंट एक शहर से दूसरे में भिन्न होता है. सो, केंद्रीय सरकार के कर्मचारी जिस शहर में रहते हैं, उन्हें उस शहर के हिसाब से एचआरए मिलेगा. मुलाजिमों के लिए रिवाइज रेट उनके शहर के हिसाब से तय किया गया है. देश के शहरों को तीन हिस्से में बांटा गया है. ये तीन हिस्से हैं एक्स, वाई और जेड. इससे पहले सरकार ने केंद्र सरकार से रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए महंगाई राहत या DR का ऐलान किया था. पहले डीआर की दर 17 परसेंट थी जिसे बढ़ाकर बेसिक पे या पेंशन का 28 परसेंट कर दिया गया. इसकी दर 1 जुलाई से लागू हो गई है. जुलाई की सैलरी जब आएगी, या पेंशन जारी होगा तो पैसा बढ़कर मिलेगा.

किन लोगों को मिलेगा फायदा

पिछले साल कोरोना महामारी फैलने के बाद केंद्र सरकार ने डीए और डीआर पर रोक लगा दी थी. इसी के साथ इसमें बढ़ोतरी भी अरसे से रुकी हुई थी. अब जब इसे हरी झंडी दिखा दी गई है तो इस फैसले से 48.34 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65.26 लाख पेंशनर को सीधा लाभ पहुंचेगा. डीए और डीआर का खर्च मिला दें तो केंद्र सरकार के खजाने पर 34,401.84 करोड़ रुपये का खर्च बढ़ेगा. यह खर्च एक साल का है. इस साल डीए और डीआर के मद में 22,934.56 करोड़ रुपये खर्च होंगे जो कि जुलाई 2021 से फरवरी 2022 तक के लिए होंगे.

और किसे मिलेगा फायदा

जो लोग सीधे तौर पर केंद्रीय नौकरी में जुड़े हैं, उन्हें इसका लाभ तो मिलेगा ही, इसके अतिरिक्त भी कुछ श्रेणियों में डीए और डीआर का लाभ दिया जाएगा. जैसे अगर कोई सिविल कर्मचारी डिफेंस सर्विस एस्टिमेट से जुड़ा है तो उसे भी डीए का लाभ मिलेगा. हालांकि इसके बारे में सशस्त्र सेना और रेलवे कर्मचारियों के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा. इन दोनों का विभाग अलग कामकाज देखता है, इसलिए अलग से इनके लिए निर्देश जारी होगा. पिछले साल अप्रैल महीने में वित्त मंत्रालय ने डीए और डीआर पर किसी भी तरह की बढ़ोतरी पर रोक लगा दी थी. यह रोक 39 जून, 2021 तक लागू थी. अब इसे हटा लिया गया है और 1 जुलाई से बढ़ी हुई दर लागू कर दी गई है. 1 जनवरी, 2020 से 30 जून 2021 तक डीए की दर 17 परसेंट थी जो अब 28 परसेंट हो गई है.