पेंशन फंड का पैसा स्टॉक एक्सचेंज में निवेश करेगी सरकार, जानिए इससे आपको क्या फायदा होगा

 भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाला पेंशन रेगुलेटर पीएफआरडीए PFRDA पेंशन फंड का पैसा आईपीओ, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लगाने जा रहा है. PFRDA को इसकी अनुमति पेंशन फंड मैनेजरों को देना होगा जिसके बाद आईपीओ और एनएसई में निवेश का रास्ता साफ हो जाएगा. अगर ऐसा होता है तो पेंशनर को कई फायदे हो सकते हैं. पीएफआरडीए यह कदम इसलिए उठाने जा रहा है क्योंकि उसे पेंशनर की संख्या बढ़ानी है. यह भी ध्यान दिया जा रहा है कि जब कोई कर्मचारी रिटायर हो तो उस वक्त हाथ में अच्छा खासा पैसा मिल सके. वित्तीय वर्ष 2022 तक सरकार का ध्यान रिटायरमेंट कॉरपस या रिटायरमेंट का पैसा 1 करोड़ रुपये तक करने की तैयारी है.

अभी पेंशन फंड मैनेजर आईपीओ या एनएसई में पैसा नहीं लगा पाते क्योंकि इसके लिए 5,000 करोड़ रुपये के मार्केट कैप की बाध्यता है. अर्थात जिस फंड का बैलेंस इससे ऊपर होगा, वही एनएसई या आईपीओ में निवेश कर सकता है. इस तरह की बाध्यता के चलते पेंशन फंड मैनेजर पैसा नहीं लगा पाते जबकि पेंशन फंड की सालाना ग्रोथ 11.31 परसेंट के हिसाब से बढ़ रही है. नई पेंशन स्कीम आने के बाद इक्विटी निवेश में पेंशन फंड में जोरदार बढ़ोतरी देखी जा रही है.

क्या है सरकार की तैयारी

दो-तीन दिन में इस फैसले का ऐलान हो सकता है. नए नियम के मुताबिक पेंशन फंड मैनेजर आईपीओ में पेंशन का पैसा निवेश कर सकेंगे, पब्लिक ऑफर निकाल सकेंगे, कंपनियों की बिक्री के लिए ऑफर दे सकते हैं. पेंशन फंड मैनेजर एनएसई और बीएसई की टॉप 200 कंपनियों में पैसा लगा सकेंगे. माना जा रहा है कि इसे इक्विटी इनवेस्टमेंट के दायरे में ही लाया जाएगा. PFRDA पेंशन फंड मैनेजरों को आजादी देगा कि वे किन कंपनियों में पैसा लगाते हैं. अभी इक्विटी के निवेश पर 11.31 परसेंट, कॉरपोरेट डेट में 10.21 परसेंट और सरकारी सिक्योरिटी में 9.69 परसेंट का रिटर्न मिल रहा है. अभी देश में एनपीएस के तहत 4.37 करोड़ पेंशनर हैं. इसमें सबसे ज्यादा अटल पेंशन योजना में 2.90 करोड़ पेंशनर हैं.

पेंशनर को फायदा

पीएफआरडीए का मानना है कि वित्तीय वर्ष 2022 में 1 करोड़ तक पेंशनर की तादाद बढ़ानी है जिसमें 90 लाख अटल पेंशन योजना के अंतर्गत जोड़े जाने का लक्ष्य है. कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर के बावजूद इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 1.60 लाख पेंशनर जुड़ गए हैं. अगर पेंशन फंड का पैसा सरकारी सिक्योरिटी में जमा किया जाता है तो 10 साल के बेंचमार्क में ज्यादा से ज्यादा 6.25-6.50 परसेंट तक की कमाई हो सकती है. पीएफआरडीए यह भी चाहता है कि पेंशन फंड को रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट की ओर से जारी डेट पेपर में निवेश किया जाए. इससे आने वाले समय में पेंशनर का रिटायरमेंट फंड बढ़ाने में मदद मिलेगी.

एक्सिस म्यूचुअल फंड को मौका

एनपीएस स्कीम को अभी देखने वाले 7 पेंशन फंड मैनेजर हैं जिसकी संख्या बढ़ाए जाने पर विचार चल रहा है. ऐसी दो कंपनियां जो कम से कम 50,000 करोड़ रुपये का कॉरपस संभालती हैं, एनपीएस के साथ आ सकती हैं. इसके लिए एक्सिस म्यूचुअल फंड की तरफ से आवेदन मिला है और उस पर प्रोसेस शुरू हो गया है. इस म्यूचुअल फंड की कंपनी एक्सिस बैंक को आरबीआई की तरफ से हरी झंडी मिल चुकी है. सरकार के उस कदम की भी सराहना हो रही है जिसके तहत पेंशन फंड मैनेजर में 74 परसेंट प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अनुमति दी गई है.