IND vs SL: दीपक चाहर ने पलटी हारी हुई बाजी, नाबाद फिफ्टी ठोककर श्रीलंका को दी शिकस्त, भारत ने जीती सीरीज

 दीपक चाहर (Deepak Chahar) के इंटरनेशनल करियर के पहले अर्धशतक और भुवनेश्वर कुमार के साथ उनकी अटूट अर्धशतकीय साझेदारी के बूते भारत (Indian Cricket Team) ने श्रीलंका (Sri Lanka) को दूसरे वनडे में तीन विकेट से हरा दिया. श्रीलंका के 276 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने चाहर (82 गेंद में नाबाद 69, सात चौके और एक छक्का) और भुवनेश्वर (28 गेंद में नाबाद 19) के बीच आठवें विकेट की 84 रन की अटूट साझेदारी से 49.1 ओवर में सात विकेट पर 277 रन बनाकर जीत दर्ज की. इन दोनों ने उस समय यह साझेदारी की जब भारत 193 रन पर सात विकेट गंवाने के बाद संकट में था. भारत की ओर से सूर्यकुमार यादव (53) ने भी अर्धशतक जड़ा जबकि मनीष पांडे (37) और क्रुणाल पंड्या (35) ने उपयोगी पारियां खेली. श्रीलंका ने चरिथ असालांका (68 गेंद में 65 रन, पांच चौके) और सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो (71 गेंद में 50 रन) के अर्धशतक से नौ विकेट पर 275 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था. निचले क्रम में चमिका करुणारत्ने (33 गेंद में नाबाद 44, पांच चौके) ने तेजतर्रार पारी खेली जिससे टीम अंतिम 10 ओवर में 79 रन जोड़ने में सफल रही. करुणारत्ने ने असालांका के साथ सातवें विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी भी की.

लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरुआत खराब रही और टीम ने 39 रन तक ही सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (13) और इशान किशन (1) के विकेट गंवा दिए. लेग स्पिनर हसारंगा (37 रन पर तीन विकेट) की सीधी गेंद को चूककर पृथ्वी बोल्ड हुए जबकि इशान ने तेज गेंदबाज कासुन रजिता की गेंद को विकेटों पर खेला. कप्तान शिखर धवन (29) भी हसारंगा की सीधी गेंद को चूककर पगबाधा हुए. सूर्यकुमार और पांडे ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया. दोनों ही बल्लेबाज अच्छी लय में लग रहे थे. दोनों ने भारत के रनों का शतक 16वें ओवर में पूरा किया. पांडे हालांकि इसके बाद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए. सूर्यकुमार ने सीधा करारा शॉट मारा और गेंदबाज दासुन शनाका के हाथ से लगने के बाद गेंद विकेटों से टकरा गई. इस समय पांडे क्रीज से बाहर थे.

आखिरी 10 ओवर में थी 67 रन की दरकार

शनाका के इसी ओवर में हार्दिक पंड्या (0) ने धनंजय डिसिल्वा को कैच थमा दिया जिससे 18वें ओवर में भारत का स्कोर पांच विकेट पर 116 रन हो गया. भारत के 150 रन 27वें ओवर में पूरे किए. इसी ओवर में अपना दूसरा मैच खेल रहे सूर्यकुमार ने लक्षण संदकन पर चौका जड़कर 42 गेंद में पहला अर्धशतक पूरा किया लेकिन अंतिम गेंद पर पगबधा हो गए. उन्होंने 44 गेंद का सामना करते हुए छह चौके जड़े. क्रुणाल को इसके बाद चाहर का साथ मिला. दोनों ने संदकन पर चौके जड़े लेकिन हसारंगा ने क्रुणाल को बोल्ड करके भारत को करारा झटका दिया. क्रुणाल ने 54 गेंद में तीन चौके मारे. चाहर और भुवनेश्वर अब क्रीज पर थे. भारत को अंतिम 10 ओवर में 67 रन की दरकार थी. चाहर ने संदकन पर चौका और फिर छक्का जड़ने के बाद रजिता पर लगातार दो चौके जड़कर रन गति बनाए रखी. पांचवां वनडे खेल रहे चाहर ने चमीरा की गेंद पर एक रन के साथ 64 गेंद में अर्धशतक पूरा किया.

भारत को अंतिम पांच ओवर में 31 रन की जरूरत थी. हसारंगा के ओवर में सिर्फ दो रन बने लेकिन भुवनेश्वर और चाहर ने चमीरा पर चौके जड़ते हुए 13 रन बटोरे. हसारंगा के 48वें ओवर में सिर्फ एक रन बना. भारत को अंतिम दो ओवर में 15 रन की जरूरत थी. चाहर ने चमीरा पर दो चौके के साथ भारत का पलड़ा भारी किया. अंतिम ओवर में भारत को तीन रन की दरकार थी और चाहर ने रजिता की पहली गेंद पर चौका जड़कर टीम को जीत दिला दी.

श्रीलंका ने दिया चुनौतीपूर्ण लक्ष्य

इससे पहले चरिथ असालांका और सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो के अर्धशतक से श्रीलंका ने नौ विकेट पर 275 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. असालांका ने 68 गेंद में छह चौकों की मदद से 65 रन की करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली जबकि फर्नांडो ने 71 गेंद में 50 रन बनाए. निचले क्रम में चमिका करुणारत्ने (33 गेंद में नाबाद 44, पांच चौके) ने तेजतर्रार पारी खेली जिससे टीम अंतिम 10 ओवर में 79 रन जोड़ने में सफल रही. करुणारत्ने ने असालांका के साथ सातवें विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी भी की. भारत की ओर से लेग स्पिनर चहल ने 50 रन जबकि भुवनेश्वर कुमार ने 54 रन पर तीन-तीन विकेट चटकाए. दीपक चाहर ने 53 रन देकर दो विकेट हासिल किए.

श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. फर्नांडो और मिनोद भानुका (36) ने पहले विकेट के लिए 77 रन जोड़कर एक बार फिर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई. मिनोद और फर्नांडो दोनों को चाहर के ओवर में जीवनदान मिला. पारी के दूसरे ओवर में चाहर की गेंद पर स्लिप में मनीष पांडे ने मिनोद का कैच टपकाया जबकि इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में भुवनेश्वर बाउंड्री से अंदर आ गए और गेंद उनके ऊपर से छह रन के लिए चली गई. भारतीय गेंदबाजों ने इसके बाद श्रीलंका के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया और अगले पांच ओवर में कोई बाउंड्री नहीं लगी. टीम को इसका फायदा 14वें ओवर में मिनोद के विकेट के रूप में मिला जो चहल की गेंद पर पांडे को कैच दे बैठे.

चहल ने दो गेंद में लिए दो विकेट

चहल ने अगली गेंद पर भानुका राजपक्षे (0) को भी विकेटकीपर इशान किशन के हाथों कैच कराया. फर्नांडो और अनुभवी धनंजय डिसिल्वा (32) ने इसके बाद 21वें ओवर में स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया. फर्नांडो ने 24वें ओवर में क्रुणाल पंड्या पर चौके के साथ आठ ओवर के बाद पहली बाउंड्री लगाई. अगले ओवर में फर्नांडो ने भुवनेश्वर की गेंद पर एक रन के साथ 70 गेंद में अर्धशतक पूरा किया लेकिन इसके बाद गेंद को हवा में लहराकर मिड ऑन पर क्रुणाल को कैच दे बैठे. उन्होंने 71 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का मारा. डिसिल्वा भी इसके बाद चाहर की गेंद को हवा में खेलकर मिड ऑफ पर भारतीय कप्तान शिखर धवन को आसान कैच थमा बैठे.

चहल ने गेंदबाजी में वापसी करते हुए श्रीलंका के कप्तान दसुन शनाका (16) को बोल्ड करके मेजबान टीम का स्कोर पांच विकेट पर 172 रन किया. चरिथ असालांका ने इस बीच कुछ आकर्षक शॉट खेले. उन्होंने चहल, कुलदीप यादव और क्रुणाल की स्पिन तिकड़ी पर चौके जड़े. चाहर ने वानिंदु हसारंगा (08) को बोल्ड करके श्रीलंका को छठा झटका दिया. श्रीलंका के 200 रन 41वें ओवर में पूरे हुए. असालांका ने कुलदीप पर चौके के साथ अपने चौथे मैच में 56 गेंद में पहला अर्धशतक पूरा किया. भुवनेश्वर ने असालांका को स्थानापन्न खिलाड़ी देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच कराके श्रीलंका को बड़ा झटका दिया. करुणारत्ने ने चाहर और भुवनेश्वर के अंतिम दो ओवर में दो-दो चौके जड़कर टीम का स्कोर 270 रन के पार पहुंचाया.