इनकम टैक्स के ये हैं 5 सबसे खतरनाक नोटिस, जानिए बचने का सबसे सरल तरीका

 इनकम टैक्स नोटिस का नाम सुनते ही डर सा हो जाता है. कोई नहीं चाहता कि उसे टैक्स का नोटिस मिले, बेवजह के पचड़े में फंसे. लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि समय पर इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बावजूद नोटिस आ जाता है. ऐसा अगर होता है तो जान लें कि जरूर कोई गलती हुई होगी. इस तरह के नोटिस में 5 का नाम अहम है. इनके बारे में ठीक से जान लेना चाहिए ताकि बचने के रास्ते भी निकल सकें.

आप जब आईटीआर ITR file करते हैं तो टैक्स डिपार्टमेंट उसकी गहनता से छानबीन करता है. अगर आईटीआर फाइल में टैक्स डिपार्टमेंट को कोई दिक्कत लगती है तो वह नोटिस के रूप में टैक्सपेयर को इत्तला करता है. इसी को इनकम टैक्स का नोटिस बोलते हैं. इसमें 5 तरह के नोटिस हो सकते हैं.

1- ITR file नहीं करने पर नोटिस

जिस व्यक्ति की कमाई 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है (वरिष्ठ नागरिकों को छोड़कर) उन्हें आईटीआर भरना जरूरी है. ये फाइलिंग हर साल समय पर होनी चाहिए. अगर आपकी कंपनी ने टीडीएस काट भी लिया तो भी आपको आईटीआर भरना होता है. इसमें चूक होने पर नोटिस आ सकता है. इससे बचने का सिर्फ यही तरीका है कि एडवांस टैक्स का प्लान कर लें और निर्धारित अवधि के भीतर आईटीआर फाइल कर लें.

2-टीडीएस में कोई अंतर आ जाए

रिटर्न में आपने जो टीडीएस दिखाया है और ट्रेसेस की वेबसाइट पर दिखने वाले टीडीएस में कोई अंतर नहीं होना चाहिए. अगर इन दोनों में कोई अंतर आता है तो नोटिस मिल सकता है. इससे बचने के लिए अपनी कंपनी से रिक्वेस्ट करें कि समय पर टीडीएस काटा जाए और उसे सरकारी खजाने में समय पर जमा करा दिया जाए. आपको भी फॉर्म 26AS से टीडीएस का मिलान कर लेना चाहिए.

3-कमाई के अन्य स्रोतों की जानकारी

आपको जितनी भी कमाई हो रही है, टैक्स रिटर्न में उसे बताना जरूरी है. सेविंग अकाउंट, फिक्स डिपॉजिट या आरडी से होने वाली ब्याज की कमाई को लोग रिटर्न में भूल जाते हैं. इस गलती से आपको नोटिस आ सकता है. कई बार ऐसा होता है कि आपके बैंक ने लोअर टैक्स स्लैब में आपका टीडीएस काट लिया लेकिन आप हायर टैक्स स्लैब में आते हैं. ऐसी स्थिति में आप इनकम टैक्स की नजर में आ सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि बैंक का स्टेटमेंट चेक करें और टीडीएस कटौती की जानकारी लें. उसी के हिसाब से रिटर्न में जानकारी भरें. ब्याज दरों के बारे में भी बताएं.

4-बड़ा ट्रांजेक्शन करते हैं सावधान

मान लीजिए आपकी सैलरी 1 लाख है लेकिन आपके खाते में अचानक 10 लाख रुपये आ जाएं. यह बात टैक्स डिपार्टमेंट की नजर में आ सकती है. ऐसी स्थिति में आपको नोटिस मिल सकता है. इससे बचने के लिए आपको आईटीआर में सभी जानकारी देनी चाहिए, अगर फायदा होता है या शेयर मार्केट, स्टॉक में घाटा होता है, तो उसकी भी जानकारी देनी चाहिए. इससे आप नोटिस से बच सकते हैं.

5-आईटीआर में कोई गड़बड़ी हो

कभी भी गलत आईटीआर फॉर्म न भरें. आपके लिए जो फॉर्म उपयुक्त हो, उसे ही भरें. गलत फॉर्म का चयन कर लिया या गलत ढंग से फॉर्म भर दिया तो इनकम टैक्स आपको नोटिस थमा सकता है. इससे बचने का यही तरीका है कि आईटीआर फाइल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लें. इसके लिए किसी टैक्स एक्सपर्ट से भी मदद ले सकते हैं.