स्मार्ट सेविंग: कर्ज के बोझ तले दबे हैं तो ये तरीका अपनाएं, कम EMI पर चुक जाएगा पूरा उधार

 क्या आप भी उनमें से हैं जो कोरोना की पाबंदियों, लॉकडाउन के चलते भारी घाटे में चल रहे हैं. बिजनेस-व्यापार चौपट हो रखा है. आमदनी के स्रोत बंद हैं और ऊपर से कर्ज का जंजाल अलग से. अगर ऐसा है तो सबसे पहले उस कर्ज को चुकाने का उपाय ढूंढें जो आप पर हर महीने, हर दिन भारी-भरकम लदान बढ़ाए जा रहा है. कर्ज चुक जाए तो धंधा-पानी आगे चलकर भी कर सकते हैं. नहीं चुका पाए तो धंधे की आमदनी भी उसी में जाती रहेगी. लेकिन सवाल है कि कर्ज चुकाने के लिए क्या करें? इसका जवाब है पर्सनल लोन.

ये सलाह एक्सपर्ट की है. जानकार बताते हैं कि कर्ज के जंजाल से मुक्ति पाने में पर्सनल लोन बड़ी भूमिका अदा कर सकता है. इसका फायदा जानने से पहले उस कर्ज का घाटा जान लीजिए जिसके बोझ तले दबे हैं. उधार के पैसे का मीटर तेजी से भागता है. एक दिन आपको पता चलेगा कि मूलधन से ज्यादा ब्याज की राशि हो गई. दूसरा बड़ा घाटा है क्रेडिट स्कोर नीचे जाने का. ऐसा होता है तो बैंक आपको ब्लैकलिस्ट कर सकते हैं. अगली बार लोन लेने जाएंगे तो बैंक वाले आपको तिरछी निगाह से देखेंगे. लोन न देने के कई बहाने बताएंगे. फलां कागज और फलां गवाह, क्या-क्या चीजें आपसे मांगेंगे. इससे बचने का सिर्फ यही उपाय है कि फौरन उस कर्ज को चुकाने का रास्ता ढूंढें. इससे क्रेडिट स्कोर अपने आप सुधर जाएगा.

अब तक आप पर्सनल लोन के बारे में यही जानते होंगे कि इसे व्यक्तिगत खर्च के लिए लिया जाता है. बेटी की शादी हो या बच्चे की पढ़ाई, आप इसी मद में पर्सनल लोन का पैसा खर्च करते होंगे. कई बार तो घर की मरम्मती के लिए भी पर्सनल लोन लेते हैं. लेकिन क्या आपको पता है पर्सनल लोन लेकर अपना कर्ज भी चुका सकते हैं. ऐसा करते हैं तो आप फायदे में रहेंगे. आइए जानते हैं कैसे.

1- कम ब्याज पर पर्सनल लोन

पर्सनल लोन के लिए जो पैसा मिलता है, उसका ब्याज अमूमन मौजूदा ब्याज दर से कम होता है. इसे देखते हुए कर्ज चुकाने के लिहाज से इसे अच्छा मान सकते हैं. लेकिन इसका फायदा तभी ले पाएंगे जब अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों के ब्याज दर की पूरी रिसर्च कर लें. जहां आपको फायदा दिखे, वही से पर्सनल लोन लें.

2-भारी कर्ज को चुकाना पहले जरूरी

भारी कर्ज यानी कि ऐसा कर्ज जो रुपये-पैसे के हिसाब से बड़ा हो. यह आपकी आमदनी से तय होता है कि आपने जो कर्ज लिया है, वह आपके लिए कितना भारी है. अगर कमाई कम और कर्ज की राशि ज्यादा है तो इससे आपकी पूरी वित्तीय व्यवस्था गड़बड़ हो जाएगी. घर का बजट बिगड़ जाएगा क्योंकि कमाई का अधिकांश हिस्सा कर्ज चुकाने या ब्याज देने में चला जाएगा. अगर आप पर्सनल लोन लेकर एक बार में ही कर्ज चुका देते हैं तो इसमें क्या बुराई. आप कई तरह की अनाप-शनाप खर्चों और दिमागी लोड से बच जाएंगे. कर्ज एक बार चुका दें और पर्सनल लोन पर ईएमआई फिक्स कर दें जिसे चुकाना आसान होगा.

3-फिक्स्ड रीपेमेंट की अवधि

पर्सनल लोन हमेशा 1-5 साल की अवधि में आता है. इससे आप पता कर सकते हैं कि हर महीने ईएमआई में कितना पैसा चुकाना है. आप उससे अपने बजट की प्लानिंग कर सकते हैं. यह तब के लिए है जब आपने पर्सनल लोन लेकर कर्ज चुका दिया है. ईएमआई धीरे-धीरे चुकाकर 1-5 साल के भीतर आप आजाद हो सकते हैं.

4-आसानी से मिलता है पर्सनल लोन

बैंक जितने तरह के लोन देते हैं, उनमें सबसे ज्यादा फायदेमंद पर्सनल लोन होता है. आप अपनी सुविधा के हिसाब से ईएमआई तय कर सकते हैं. आप चाहते हैं कि लोन की राशि जल्दी चुका दें तो ईएमआई की राशि ज्यादा रख सकते हैं. इस संदर्भ में बैंक लोन रीपेमेंट के लिए न्यूनतम 1 साल और अधिकतम 5 साल का वक्त देते हैं.

5- ऑनलाइन अप्रूवल मिल जाता है

पर्सनल लोन ऑनलाइन और समय पर मंजूर हो जाता है. क्रेडिट स्कोर सही हो और आपने जरूरी दस्तावेजों की सही-सही जानकारी दी हो, तो लोन कुछ घंटे में ही मिल जाता है. यह तुरंत आपके सेविंग खाते में आ जाता है. इस काम में इंस्टेंट पर्सनल लोन की मदद ले सकते हैं जिसे बैंकों ने अलग प्रोडक्ट के रूप में पेश करना शुरू किया है. आप इस पर्सनल लोन से भी जल्दी ही मुक्त होना चाहते हैं तो प्रीपेमेंट का ऑप्शन चुन सकते हैं. लोन पर कुछ फिक्स्ड या लॉन इन पीरियड होता है जिसके बाद आप आसानी से लोन प्रीपेमेंट कर सकते हैं.