IND vs SL: भारत से शिकस्त के बाद मुथैया मुरलीधरन हुए निराश, बोले- श्रीलंका की टीम जीतना भूल गई

 महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan)का मानना है कि श्रीलंका क्रिकेट टीम (Sri Lanka Cricket Team) जीतना भूल चुकी है. उन्होंने साथ ही कहा कि उनके देश में अभी क्रिकेट मुश्किल दौर से गुजर रहा है. श्रीलंका को 20 जुलाई को भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा था. दसुन शनका की कप्तानी में टीम ने पहले बैटिंग करते हुए नौ विकेट पर 275 रन का स्कोर खड़ा किया था. इसके जवाब में भारत ने सात विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया था. भारत ने लक्ष्य का पीछा करते समय 193 रन पर ही सात विकेट गंवा दिए थे लेकिन बावजूद इसके श्रीलंका की टीम जीत दर्ज नहीं कर पाई. इस जीत से भारत ने वनडे सीरीज अपने नाम कर ली. सीरीज का आखिरी मैच 23 जुलाई को खेला जाएगा.

मैच में श्रीलंका के खेल के बारे में ESPNCricinfo से बातचीत में मुरलीधरन ने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा है कि श्रीलंका को जीतने का तरीका नहीं पता. वे पिछले कुछ सालों में जीतना भूल गए हैं. यह उनके लिए काफी मुश्किल हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कि जीतते कैसे हैं?  मैंने पहले कहा था कि यदि श्रीलंका पहले 10-15 ओवर में तीन विकेट ले लेती है तो भारत को परेशान होगी और ऐसा ही हुआ. दीपक चाहर और भुवनेश्वर कुमार की बड़ी कोशिशों से उसने जीत दर्ज की. और उन्होंने (श्रीलंका) गलतियां भी कीं. उन्हें वानिंदु हसरंगा को बचाकर रखने के बजाए उससे बॉलिंग करानी चाहिए थी. उससे बॉलिंग कराकर विकेट लेने की कोशिश करनी चाहिए थी. यदि वे भुवनेश्वर या चाहर में से किसी का विकेट ले लेते तो फिर दो पुछल्ले बल्लेबाज ही बच रहे थे फिर हर ओवर में आठ-नौ रन बनाना मुश्किल था. उन्होंने गलतियां की लेकिन यह एक अनुभवहीन टीम है.’

मुश्किल समय से गुजर रहा है श्रीलंका क्रिकेट

श्रीलंका के कोच मिकी आर्थर श्रीलंका के मैच हारने के बाद काफी नाखुश दिखे. ड्रेसिंग रूम में उनके हावभाव सारी कहानी कह रहे थे. मुरलीधरन ने मिकी आर्थर के बारे में कहा कि उन्हें शांत रहना चाहिए था और नए कप्तान तक अपना संदेश भेजना चाहिए था. बेस्ट गेंदबाज से बॉलिंग कराकर विकेट लेने की कोशिश करनी चाहिए थी. सात विकेट गिर गए थे और एक विकेट मिलते ही मैच झोली में आ जाता लेकिन ऐसा नहीं हुआ. श्रीलंका क्रिकेट के लिए अभी मुश्किल समय चल रहा है.