भारी बारिश के चलते कैंसिल हुई कई ट्रेनें, इनका बदला गया रूट, यहां चेक करें लिस्ट

 पूरे महाराष्‍ट्र में इस समय भारी बारिश जारी है. जनजीवन अस्‍त-व्यस्‍त हो चुका है और इसकी वजह से भारतीय रेल की कुछ सेवाएं भी बाधित हुई हैं. दक्षिण रेलवे ने ट्वीट कर यात्रियों को जानकारी दी है कि उसने कुछ रेल सेवाओं को बदला है. मौसम विभाग की तरफ से आने वाले कुछ घंटों में महाराष्‍ट्र में जोरदार बारिश की भविष्‍यवाणी की है.बुधवार और गुरुवार को हुई भारी बारिश की वजह से रेल पटरियों पर पानी भर गया है. इसके कारण दक्षिण रेलवे को कुछ सेवाओं को कैंसिल करना पड़ा है. मध्य रेलवे की कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. जबकि अन्य लाइनों पर भी ट्रेन सेवाएं बाधित हुई. महाराष्‍ट्र के रत्नागिरी जिले को जोड़ने वाले कोंकण रेलवे मार्ग पर वशिष्ठ नदी में जल स्तर खतरे के निशान के ऊपर चला गया है. इसके कारण चिपलून और कामठे स्टेशनों के बीच रेलवे पटरियों के ओवरफ्लो होने के बाद ट्रेन सेवाओं को थोड़ा बदलने का फैसला लिया गया है.

दक्षिण रेलवे की तरफ से ट्वीट कर बताया गया है कि 02618 हजरत निजामुद्दीन से चलकर एर्नाकुलम तक जाने वाली स्‍पेशल ट्रेन जो 22 जुलाई को हजरत निजामुद्दीन से रवाना हुई थी वो अब मनमाड़, दौंद, पुणे, मिराज, लोंडा और मडगांव जंक्‍शन होते हुए जाएगी.इसके अलावा जिन ट्रेनों को कैसिंल किया गया है, उनमें 06163 लोकमान्‍य तिलक टर्मिनस से काचुवेली ‘गरीब रथ’ है. इस हफ्ते में दो दिन चलने वाली ट्रेन है. इसे 23 जुलाई को शाम 4 बजकर 55 मिनट पर मुंबई के लोकमान्‍य तिलक टर्मिनस से रवाना होना था. फिलहाल इसे अगले आदेश तक के लिए कैंसिल कर दिया गया है.

कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड के उप महाप्रबंधक बबन घाटगे की तरफ से न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि रेल मार्ग बाधित होने के कारण 8 ट्रेनों को फिलहाल कैंसिल किया गया है. ये ट्रेनें जिस रास्‍ते से गुजरती हैं वो महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में फैला हुआ है. यह एक चुनौतीपूर्ण इलाकों में से एक है. इसमें कई नदियां, घाटियां और पहाड़ हैं. टिटवाला से इगतपुरी (ठाणे से सटे नासिक जिले में) और अंबरनाथ से लोनावाला के लिए ट्रेन संचालन को ट्रैक के जलमग्न होने, बोल्डर दुर्घटनाग्रस्त होने और कई स्थानों पर भूस्खलन की सूचना के बाद निलंबित कर दिया गया.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में राजधानी मुंबई के अलावा सांगली, अकोला, अमरावती, नागपुर, कोल्हापुर समेत कई जिलों में भारी बारिश से बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं. राज्य की कई नदियां भी उफान पर हैं. स्थानीय प्रशासन की टीमों के अलावा वायुसेना व एनडीआरएफ की टीमों को भी राहत व बचाव के लिए उतारा गया है. रत्नागिरी और रायगढ़ में राहत व बचाव कार्य के लिए भारतीय सेना और नौसेना के जवानों को भी तैनात किया गया है.भारी बारिश के चलते पुणे के भीमाशंकर मंदिर के आसपास भी बाढ़ का नजारा है. ये मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है. राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कहर के बाद महाराष्ट्र अलर्ट पर है.  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 22 जुलाई को रत्नागिरी और रायगढ़ जिलों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव हो गया है. मौसम विभाग ने कोंकण तट पर अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है.