इंटरनेशनल क्रिकेटर ने टीम साथियों पर लगाया सनसनीखेज़ आरोप, बोले- मुझे गोबर कहा जाता था

 दक्षिण अफ्रीका के पूर्व स्पिनर पॉल एडम्स (Paul Adams) ने अपने खेलने के दिनों में चमड़ी के रंग के आधार पर भेदभाव झेलने के बारे में खुलासा किया है. उन्होंने अपने साथी खिलाड़ियों पर उन्हें ब्राउन शिट (गोबर) कहने का आरोप लगाया है. क्रिकेट साउथ अफ्रीका की सोशल जस्टिस और नेशन बिल्डिंग से जुड़ी सुनवाई के दौरान पॉल एडम्स ने कहा कि सभी नस्ल के लोगों को आदर मिलने के लिए बेहतर शिक्षा की जरूरत है. एडम्स ने साल 1995 में साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट डेब्यू किया था. तब वे अपनी टीम में इकलौते अश्वेत खिलाड़ी थे. उनका करियर नौ साल तक चला और इस दौरान वे अधिकतर अपनी टीम में अकेले अश्वेत खिलाड़ी रहे. इस अनुभव के बारे में उन्होंने कहा कि इस दौरान केवल मजा नहीं था. उन्हें टीम के अंदर और बाहर दोनों जगह नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा.

उन्होंने कहा, ‘जब मैं खेल रहा था तब मुझे गोबर कहा गया. अक्सर जब हम मैच जीतते या मीटिंग में होते तब इससे जुड़ा गाना गाया जाता था. वे गाते थे ‘brown s*** in the ring, tra la la la laa.’ तब मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझसे पूछा था कि ऐसा क्यों कहा जाता है. उसने कहा था कि यह सही नहीं है. जब आप देश के लिए खेलते हैं, जब आप जीत रहे होते हैं तब आप ज्यादा सोचते नहीं है. आप इन सब बातों को किनारे कर देते हैं लेकिन यह पूरी तरह से रेसिस्ट है. कुछ लोग कहेंगे कि यह सब अनजाने में हुआ और उन्हें इस बारे में पता नहीं था. लेकिन इसी बात के लिए तो हम हैं ताकि चीजों को बदल सकें.’

‘बॉलिंग एक्शन को कहा गया कारों के टायरों के कवर चुराने वाला’

पॉल एडम्स ने मीडिया के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि उनकी नस्ल और रंग से जुड़े लोगों के लिए पहले से ही सोच लिया जाता था. उनके गेंदबाजी एक्शन को क्रिमिनल कहा जाता था. उन्होंने कहा, ‘मेरे एक्शन को कारों के टायरों के कवर को चुराने जैसा कहा जाता था. मुझे यह काफी अपमानजनक लगता था. ऐसा इसलिए होता था क्योंकि मेरा जन्म केप फ्लेट्स में हुआ? क्या हमेशा से यहां जन्मे लोगों को गैंगस्टर और चोर कहा जाता है? जब मैं खेलने लगा था तब मैं अलग था. मेरा एक्शन सामान्य से अलग था, मेरा म्यूजिक और बोलने का अंदाज भी अलग था.’

पॉल एडम्स ने साथ ही कहा कि उनकी जगह पैट सिमकॉक्स को ज्यादा खेलने का मौका मिला क्योंकि वह गोरे थे. ऐसा लगता था कि वह उन्हें दबा रहे थे और दूर रख रहे थे. वे नहीं चाहते थे कोई गोरा खिलाड़ी पीछे रहे. इसलिए उसे खिलाया गया.