IND VS SL: टीम इंडिया ‘बचकानी’ गलतियों की वजह से हारी तीसरा वनडे, जानिए हार के 5 कारण

 नई दिल्ली. शिखर धवन की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट टीम शुक्रवार को श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में (India vs Sri Lanka, 3rd ODI) क्लीन स्वीप से चूक गई. टीम इंडिया ने बारिश के प्रभावित मुकाबले में महज 225 रन बनाए और जवाब में मेजबान टीम ने 7 विकेट खोकर 39वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. भारतीय टीम ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम जरूर कर ली है लेकिन तीसरे वनडे में खिलाड़ियों ने ऐसी बचकानी गलतियां की जो आप किसी पेशेवर टीम में शायद ही देखेंगे. श्रीलंकाई टीम के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत क्यों हारा? उसने क्या-क्या गलतियां की? जानिए हार के पांच कारण.

स्पिनर्स को नहीं पढ़ पाए बल्लेबाज- भारत की हार का सबसे बड़ा कारण रहा स्पिनर्स के खिलाफ उसकी खराब बल्लेबाजी. तीसरे वनडे में भारत के एक से बढ़कर एक टैलेंटेड बल्लेबाज श्रीलंकाई स्पिनर्स के आगे फीके नजर आए. सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav), हार्दिक पंड्या, मनीष पांडे, नीतीश राणा, संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजों ने अपने विकेट स्पिनर्स को दिये. श्रीलंका के अखिला धनंजया तो फिर भी अनुभवी स्पिनर हैं लेकिन अपना वनडे डेब्यू कर रहे प्रवीण जयविक्रमा को भी भारत ने 3 विकेट दे दिये. जो भारतीय बल्लेबाज स्पिनर्स को बेहतरीन अंदाज में खेलने के लिए जाने जाते हैं, वही तीसरे वनडे में उनके खिलाफ बेहद खराब खेले और नतीजा टीम इंडिया महज 225 रन ही बना सकी.
भारत की निराशानजक फील्डिंग- किसी भी कम स्कोर को बचाने के लिए सबसे जरूरी चीज होती है उसकी अच्छी फील्डिंग. तीसरे वनडे में टीम इंडिया ने यही नहीं किया. भारतीय टीम ने कैच टपकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. मनीष पांडे, पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw), चेतन सकारिया, नीतीश राणा जैसे खिलाड़ियों ने आसान कैच टपकाए. कप्तान शिखर धवन से भी कैच छूटा लेकिन वो एक मुश्किल मौका था. श्रीलंकाई बल्लेबाजों को जीवनदान देना भारतीय टीम को भारी पड़ा.
नो बॉल की समस्या- आज के क्रिकेट में नो बॉल देना पाप के समान है क्योंकि विरोधी टीम को अतिरिक्त रन तो मिलता ही है साथ में उसे फ्री हिट भी मिलती है. भारतीय टीम ने तीसरे वनडे में 1-2 नहीं बल्कि 5 नो बॉल फेंकी. चेतन सकारिया और राहुल चाहर (Rahul Chahar) ने 2-2 और नवदीप सैनी ने 1 नो बॉल की. जबकि श्रीलंकाई टीम ने एक भी नो बॉल नहीं फेंकी.
पृथ्वी शॉ-संजू सैमसन ने तीसरे वनडे में बेहतरीन फॉर्म दिखाई. दोनों ही बल्लेबाजों ने कमाल के शॉट्स खेले लेकिन पृथ्वी और सैमसन दोनों अपने विकेट फेंक कर आए. पृथ्वी ने 49 रन पर अपना विकेट गंवाया और सैमसन (Sanju Samson) एक हवाई शॉट खेलने के फेर में 46 पर निपट गए. सेट होने के बाद लापरवाही भरे शॉट खेलकर आउट होना अकसर टीम को नुकसान पहुंचाया है और श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे में भी यही हुआ.
मनीष पांडे-हार्दिक पंड्या की खराब फॉर्म भी तीसरे वनडे में भारतीय टीम की हार का बड़ा कारण रही. ये दोनों खिलाड़ी इस दौरे पर सबसे सीनियर खिलाड़ियों में से एक हैं लेकिन पांडे और पंड्या दोनों बल्ले से नाकाम साबित हुए. तीसरे वनडे में पांडे 11 और हार्दिक पंड्या 19 रन बनाकर आउट हुए. पंड्या ने तो गेंदबाजी में भी बेहद खराब प्रदर्शन किया. एक विकेट लेने के लिए पंड्या ने 5 ओवर में 43 रन लुटा दिये.