इंग्‍लैंड के खिलाफ इस धुरंधर ओपनर का धमाका, लगातार चौथी पारी में शतक जड़ रचा इतिहास

 ये टीम का कोई नियमित ओपनर नहीं था. वैसे तो मध्‍यक्रम में बल्‍लेबाजी करता था लेकिन कामचलाउ ओपनिंग भी करने में उस्‍ताद रहा. लेकिन एक बात तो आप भी मानेंगे न कि किसी बल्‍लेबाज का क्रम कोई भी हो, शतक लगाना कभी भी आसान नहीं होता. और यहां तो बात एक नहीं, दो नहीं बल्कि लगातार चार शतकों की हो रही है. खासकर टेस्‍ट क्रिकेट में जहां बल्‍लेबाजों की कड़ा इम्तिहान लिया जाता है. लेकिन इस मुश्किल काम को आसान कर दिखाया एक ऐसे बल्‍लेबाज ने जिसने आठ सालों के अंतराल में ये कारनामा अंजाम दिया. इस खिलाड़ी ने इंग्‍लैंड (England Cricket Team) के खिलाफ लगातार चार टेस्‍ट पारियों में शतकीय पारी खेलकर अपना नाम क्रिकेट इतिहास की सुनहरी किताब में दर्ज कराया. इस बल्‍लेबाज का नाम है एलन मेलविले (Alan Melville) और इन्‍होंने जो चौथा शतक लगाया था वो दिन आज का यानी 24 जुलाई का ही था. साल था 1947.

साउथ अफ्रीका और इंग्‍लैंड (South Africa vs England) के बीच ये मैच लॉडर्स के मैदान पर खेला गया था. इसी मैच में साउथ अफ्रीका के मध्‍यक्रम के बल्‍लेबाज और कभी कभी ओपनिंग की जिम्‍मेदारी संभालने वाले एलन मेलविले ने 117 रन की पारी खेली. ये उनका लगातार चौथा शतक था. इससे पहले 1938-39 में डरबन में खेले टाइमलेस टेस्‍ट में भी उनके बल्‍ले से 103 रनों का शतक निकला था. इसके बाद विश्‍व युद्ध के चलते क्रिकेट पर विराम लग गया और फिर 1947 में जंग के बाद अपना पहला ही टेस्‍ट खेलते हुए एलन ने ट्रेंटब्रिज में पहली पारी में 189 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में नाबाद 104 रन की पारी खेली. दिलचस्‍प बात ये भी रही कि एलन के ये चारों शतक इंग्‍लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ ही आए.

10 हजार से ज्‍यादा रन, 25 शतक और 132 विकेट भी

दाएं हाथ से बल्‍लेबाजी करने वाले एलन मेलविले ने साउथ अफ्रीका के लिए कुल 11 टेस्‍ट मैच खेले, इनमें उन्‍होंने 19 पारियों में 2 बार नाबाद रहते हुए 894 रन बनाए. इस दौरान उनका रन बनाने का औसत 52.58 का रहा जिसे बेहतरीन औसत कहा जा सकता है. टेस्‍ट क्रिकेट में उनका उच्‍चतम स्‍कोर 189 रन रहा जो उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ बनाया. इस प्रारूप में एलन ने 4 शतक लगाए जबकि उनके बल्‍ले से तीन अर्धशतक भी निकले. जहां तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट की बात है तो एलन ने 190 मैच अपने करियर में खेले और इनमें 37.85 की औसत से 10598 रन बनाने में कामयाबी हासिल की. इन 295 प्रथम श्रेणी पारियों में वो 15 बार नाबाद भी रहे. उन्‍होंने इन 190 मैचों में 25 शतक लगाए और इसके अलावा इससे करीब दोगुनी यानी 53 बार अर्धशतक का आंकड़ा भी छुआ. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 156 कैच भी दर्ज हैं. यही नहीं, गेंदबाजी का जलवा बिखेरते हुए उन्‍होंने 132 बल्‍लेबाजों को भी पवेलियन की राह दिखाई.