SBI ऐप का नया नियम! अगर नहीं किया ये काम तो किसी को भी नहीं भेज पाएंगे पैसे

 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहकों को अलग-अलग सर्विस देने के साथ ही उनके अकाउंट को सिक्योर करने की भी कोशिश करता है. बैंक अकाउंट सिक्योरिटी के लिए भी बैंक की ओर से कई कदम उठाए जाते हैं. अब बैंक ने हाल ही में अपनी ऐप्लीकेशन को लेकर बड़ा बदलाव किया है, जिसके बाद कोई दूसरा व्यक्ति आपके अकाउंट को लॉगिन नहीं कर पाएगा. लेकिन, इसके लिए एक खास काम करना होगा और अगर आप वो नहीं कर पाते हैं तो मुश्किल हो सकती है.

ऐसे में जानते हैं कि अब ग्राहकों को क्या करना होगा और बैंक की ओर से क्या बदलाव किया गया है. अगर आपका भी एसबीआई में अकाउंट है और एसबीआई की ऐप yono का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इसका खास ध्यान रखना होगा.

क्या है नया नियम

एसबीआई ने 22 जुलाई से एसबीआई ने योनो को लेकर एक सख्त नया नियम लागू किया है, जिसका ग्राहकों को ऐप का उपयोग जारी रखने के लिए पालन करना चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो वो ऐप्लीकेशन के जरिए कोई ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे. दरअसल, बैंक ने सिम बाइंडिंग की व्यवस्था की है, जिससे आपका अकाउंट और भी ज्यादा सिक्योर हो जाएगा. इस टेक्नोलॉजी में एक डिवाइस में एक ही यूजर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बैंकिंग कर सकता है. इससे आपके अकाउंट से कोई और शख्स ऑनलाइन बैंकिंग नहीं कर पाएगा.

क्या करना होगा?

इसके लिए आपको बैंक की ऐप्लीकेशन को उसी नंबर से लॉगिन करना होगा, जो आपके बैंक अकाउंट में रजिस्टर्ड है. अब आप ऐप्लीकेशन को किसी दूसरे नंबर के जरिए लॉगिन नहीं कर सकते हैं. पहले कुछ लोग अपने दूसरे नंबर के जरिए भी ऐप्लीकेशन को लॉगिन कर लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जा सकता है. अब आपको अपने रजिस्टर्ड फोन से लॉगिन करना होगा, ऐसा नहीं करने पर कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे.

अब एक खाते को केवल एक ही फोन नंबर के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है, किसी भी अन्य नंबर पर व्यक्ति की परवाह किए बिना खाते तक पहुंच नहीं हो सकती है. साथ ही सभी योनो ऐप उपयोगकर्ताओं को इस नवीनतम संस्करण (5.3.48) में अपग्रेड करना होगा और लेनदेन करना होगा. नया योनो लाइट केवल उस फोन से योनो एसबीआई तक पहुंच की अनुमति देगा, जिसके पास बैंक के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर है. ग्राहकों को सिर्फ प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से योनो लाइट ऐप को अपग्रेड करना होगा और रजिस्टर फोन नंबर के साथ ओटीपी के माध्यम से प्रमाणित करना होगा. उसके बाद ऐप सामान्य रूप से काम करेगा.