Weather Update: महाराष्ट्र और गोवा को 24 घंटे में मिल सकती है भारी बारिश से राहत, इन राज्यों में बढ़ सकती है परेशानी

 भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को कहा कि अगले 24 घंटों में पश्चिमी तट पर बारिश की तीव्रता कम होने के आसार हैं जिससे वर्षा से प्रभावित महाराष्ट्र और गोवा को राहत मिल सकती है. आईएमडी के मुताबिक, 25 जुलाई से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. आईएमडी ने कहा, “अगले 24 घंटों के दौरान कोंकण, गोवा और पास में महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों सहित पश्चिमी तट पर वर्षा की तीव्रता में और कमी आने की संभावना है.”

महाराष्ट्र समेत पश्चिम तट के कुछ हिस्सों में 24 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है. पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश ने कई लोगों की जान ले ली है और कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है.

इन राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

आईएमडी ने कहा कि जुलाई तक गुजरात में तेज बारिश होने की संभावना है और कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है और इसके बाद वर्षा में कमी के आसार हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान में 26 जुलाई तक तेज बारिश होने के आसार हैं जबकि कुछ-कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है और इसके बाद वर्षा कम होगी. आईएमडी ने बताया कि 25 से 28 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. वहीं हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-28 जुलाई को और पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27-28 जुलाई को बारिश के आसार हैं. उसने कहा कि 27 और 28 जुलाई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं अत्याधिक भारी बारिश हो सकती है.

इससे पहले मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी थी कि बारिश के कहर का असर अभी और बढ़ सकता है. महाराष्ट्र में कई जगह आज भी मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी जारी की गई थी.

दरअसल बंगाल की खाड़ी के आस-पास कम दाब का क्षेत्र बना हुआ है. और यहां से नमी वाली हवाएं पश्चिम की ओर लगातार बह रही हैं. इससे महाराष्ट्र, गोवा और केरल के समुद्री किनारों पर बरसात के लिए अनुकूल वातावरण तैयार है. इस वजह से महाराष्ट्र की बात करें तो कोंकण के समुद्र तटीय इलाकों और मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी इलाकों में अगले दो-तीन दिनों तक मॉनसून सक्रिय रहेगा. इसके बाद अगले हफ्ते इसका असर धीरे-धीरे कम होता जाएगा.

राज्य के 13 जिलों में बादल फटने का बड़ा खुलासा

इस बीच मौसम विभाग के IITM के मौसम विशेषज्ञ किरण कुमार ने राज्य के 13 जिलों में बादल फटने का दावा किया है. जिस तरह से ताम्हिणी घाट और महाबलेश्वर में बरसात हुई है, उसे बादल फटने की घटना मानी जाए, ऐसा दावा करते हुए किरण कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब तक देश में सबसे ज्यादा बरसात की बात करें तो मेघालय के चेरापुंजी की मिसाल दी जाती है. इसके बाद महाबलेश्वर का नंबर आता है. लेकिन इस साल रत्नागिरि ने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए और महाबलेश्वर को भी पीछे धकेल दिया. रत्नागिरी जिले में 21 जुलाई तक औसत बारिश से 1200 मिलीमीटरअधिक बारिश हुई और इसने महाबलेश्वर को पीछे करते हुए चेरापूंजी के बाद दूसरा स्थान हासिल कर लिया.