भारत को इंग्लैंड ने इतिहास के 2000वें टेस्ट मैच में दी थी मात, द्रविड़ के शतक के बावजूद लॉर्ड्स में मिली हार

 नई दिल्ली. क्रिकेट इतिहास में आज यानी 25 जुलाई का दिन (25 July in Cricket History) बेहद खास और ऐतिहासिक है. यह दिन टेस्ट क्रिकेट के कई रिकॉर्ड से जुड़ा है. भारत और इंग्लैंड के बीच 100वां टेस्ट मैच आज ही के दिन साल 2011 में खत्म हुआ था. लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 21 जुलाई से इस मैच की शुरुआत हुई जिसमें इंग्लैंड ने 196 रन के अंतर से जीत दर्ज की.


यह टेस्ट इतिहास का ओवरऑल 2000वां मुकाबला रहा. इंग्लैंड और भारत के बीच 100वां टेस्ट मैच और कोच के रूप में डंकन फ्लेचर का भी 100वां टेस्ट मैच यह रहा. खास बात यह थी कि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के लिए इसी मैच ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के 100वें शतक की संभावना का भी जन्म दिया. लॉर्ड्स में खेले गए इस टेस्ट मैच की शुरुआत तो धीमी रही. पहले दिन पेसर जहीर खान (Zaheer Khan) हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के मैच से बाहर हो गए. भारत के तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीता और पहले फील्डिंग का फैसला किया.


एंड्रयू स्ट्रॉस की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 474 रन बनाकर घोषित की. भारत ने दूसरे दिन संघर्ष किया और केविन पीटरसन ने नाबाद 202 रन की पारी खेली. मध्यम तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने पांच विकेट लिए लेकिन इंग्लैंड ने बड़ा स्कोर बनाया. इसके बाद राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने नाबाद शतक ठोका. उन्होंने 220 गेंदों की अपनी नाबाद पारी में 103 रन बनाए, जिसमें 15 चौके शामिल रहे. भारत की पहली पारी 286 रन पर सिमटी. इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड ने 4 और क्रिस ट्रेमलेट ने 3 विकेट अपने नाम किए.

इसके बाद इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 6 विकेट पर 269 रन बनाकर घोषित की जिसमें विकेटकीपर बल्लेबाज मैट प्रायर (103*) का नाबाद शतक शामिल रहा. पेसर इशांत शर्मा ने दूसरी पारी में 4 विकेट झटके. भारत को 458 रन का लक्ष्य मिला लेकिन उसके बल्लेबाजों में वीवीएस लक्ष्मण और सुरेश रैना के अलावा कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सका. लक्ष्मण ने 56 और रैना ने 78 रन की पारी खेली. भारत को हार मिली. इस मैच से विदेशी सरजमीं पर उसकी हार का सिलसिला भी शुरू हो गया. भारत ने तब विदेशों में लगातार आठ मैच हारे थे.