केंद्र सरकार ने 50 साल से अधिक उम्र वाले अंडर सेक्रेट्री स्तर के अधिकारियों की मांगी सूची, क्या पिछली बार की तरह करेगी रिटायर?

 केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) के अंडर सेक्रेट्री स्तर के अधिकारियों की सूची मांगी गई है और इस बार उम्र भी 55 वर्ष से घटाकर 50 वर्ष कर दी गई है. केंद्र सरकार ने पिछले कुछ समय में कई भ्रष्ट अधिकारियों को जबरन रिटायर करने के लिए सीएसएस रूल्स 56-जे और पेंशन अधिनियम 1972 48 का इस्तेमाल किया. पिछली बार सरकार ने सभी स्तर के अधिकारियों को इस नियम के तहत सेवानिवृत्त किया था. इनमें ज्यादा अधिकारी भारतीय राजस्व सेवा से थे. तब सरकार ने 55 वर्ष की उम्र या 33 वर्ष की सेवा का मापदंड रखा था.

20 जुलाई को कार्मिक विभाग की ओर से जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि सीएसएस सेवा के अंडर सेक्रेट्री स्तर के अधिकारियों की सूची बनाई जाए, जिनकी उम्र 50 साल से ऊपर हो गई है और इन अधिकारियों के लिए 15 कॉलम का एक प्रोफार्मा जारी किया गया है.

कार्यालय आदेश में लिखा गया है कि 1 जुलाई 2021 को जो अधिकारी 50 साल की उम्र पार कर चुके हैं उनकी सूची कार्मिक विभाग को भेजें. याद रहे कि केंद्र सरकार सेंट्रल सेक्रेटेरिएट सर्विस असिस्टेंट से लेकर एडिशनल सेक्रेटरी स्तर तक पहुंचते हैं और अंडर सेक्रेट्री ग्रुप ए सर्विस में आ जाते हैं.

सचिवालय के अधिकारियों ने मंत्री जितेंद्र सिंह की थी मुलाकात

पिछले महीने 30 जून को केंद्रीय सचिवालय के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की थी और पदोन्नति व अन्य सेवा संबंधी मुद्दों पर उनसे चर्चा की थी. इस संबंध में मंत्री ने कहा था कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) सभी लंबित मुद्दों के समाधान का लगातार प्रयास कर रहा है और यहां तक कि अदालत में लंबित मामलों के सही हल को लेकर भी प्रयास किया जा रहा है.

केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया था कि करीब दो साल पहले डीओपीटी ने विभिन्न स्तरों पर कई विभागों में करीब 4000 अधिकारियों की पदोन्नति की थी, जिसकी सराहना व्यापक रूप से की गई थी. इनमें से पदोन्नति के कुछ आदेश ऐसे भी थे, जो लंबित रिट याचिकाओं के परिणाम के अधीन थे. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने हर बार संपर्क किए जाने पर कर्मियों के सेवा मामलों का समाधान करने में डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा दिखाए गए उदार रवैए के लिए धन्यवाद व्यक्त किया था उन्होंने विश्वास व्यक्त किया था कि मंत्री के हस्तक्षेप से उनके मुद्दों का समाधान जल्द से जल्द हो जाएगा.