On This Day: स्पिन गेंदबाज ने 10 रन देकर 10 विकेट लिए, 89 साल पुराना रिकॉर्ड आज भी बरकरार

 नई दिल्ली. क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड बने. लेकिन कुछ खिलाड़ियों के रिकॉर्ड कम लोगों का पता हैं. इंग्लैंड के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज हेडली वेरिटी (Hedley Verity) का रिकॉर्ड उनमें से एक हैं. उन्होंने 1932 में काउंटी चैंपियनशिप के एक मुकाबले में 10 रन देकर 10 विकेट लिए थे. फर्स्ट क्लास क्रिकेट का यह शानदार स्पेल 89 साल बाद भी आज टॉप पर है. इतना ही नहीं वेरिटी ने दिग्गज बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन (Don Bradman) को टेस्ट में सबसे ज्यादा बार आउट किया.


18 मई 1905 को इंग्लैंड में जन्मे हेडली वेरिटी ने आज ही के दिन 12 जुलाई 1932 को याॅर्कशायर की ओर से खेलते हुए नॉटिंघमशायर के खिलाफ 10 रन देकर 10 विकेट लिए थे. यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट का सबसे बेस्ट प्रदर्शन है. वेरिटी ने करियर में दो बार 10 विकेट लेने का कारनामा किया. इससे पहले उन्होंने 1931 में वारविकशायर के खिलाफ 36 रन देकर 10 विकेट लिए थे. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1900 से अधिक विकेट लिए.


एक दिन में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड

हेडली वेरिटी ने इसके अलावा टेस्ट में एक दिन में सबसे ज्यादा 14 विकेट लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है. 25 जून 1934 को लॉर्ड्स पर खेले गए मैच के तीसरे दिन वेरिटी ने 14 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था. मैच में उन्होंने कुल 15 विकेट लिए थे. इंग्लैंड ने यह मुकाबला पारी और 38 रन से जीता था. उनके ओवरऑल टेस्ट करियर को देखें तो उन्होंने 40 मैच में 144 विकेट लिए. 5 बार 5 और 2 बार 10 विकेट लेने का कारनामा किया.

ब्रैडमैन का सबसे ज्यादा 8 बार आउट किया

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन ने बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी की. लेकिन हेडली वेरिटी के खिलाफ वे भी सतर्क रहते थे. हेडली ने टेस्ट में उन्हें सबसे ज्यादा 8 बार आउट किया है. उनके फर्स्ट क्लास करियर को देखें तो उन्होंने 378 मैच में 1956 विकेट लिए. 164 बार 5 और 54 बार 10 विकेट लेने का कारनामा किया. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 5603 रन भी बनाए. एक शतक और 13 अर्धशतक जड़ा. 101 रन उनका सबसे बड़ा स्कोर रहा.

विश्व युद्ध में बतौर कैप्टन शामिल हुए और वहीं मौत हुई

हालांकि इस दिग्गज गेंदबाज की मौत सिर्फ 38 साल की उम्र में ही हो गई. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वो सेना में शामिल हुए थे और ट्रेनिंग के बाद भारत, पर्सिया और मिस्र में रहे. वो कैप्टन के पद पर थे. 1943 में इटली के सिसिली में एलाइड फोर्स ने दबदबा हासिल कर लिया था और वेरिटी भी युद्ध में बुरी तरह घायल हो गए थे. जर्मनी की सेना ने वेरिटी को कैद कर लिया. वो इटली की जेल में युद्ध बंदी के रूप में रहे और वहीं घायल होने की वजह से दम तोड़ दिया.