रेत की तरह भरभराकर ढह गई इंग्‍लैंड की टीम, 2 रन के भीतर गंवा दिए आखिरी छह विकेट

 इंग्‍लैंड (England Cricket Team) की टीम के खिलाडि़यों को तो छोड़ ही दीजिए, प्रशंसकों को भी ऐसे प्रदर्शन की उम्‍मीद नहीं थी. भला ये कौन ही सोच सकता है कि इतने दिग्‍गज बल्‍लेबाजों से सजी टीम कैसे सिर्फ 2 रनों पर छह विकेट गंवा देगी. लेकिन ऐसा हुआ. हेडिंग्‍ले टेस्‍ट (Headingley Test) में ये नजारा तब देखने में आया जब मेजबान टीम दो विकेट पर 292 रन बनाकर अच्‍छी स्थिति में दिख रही थी, लेकिन तभी पूरी टीम 320 रनों पर ढेर हो गई. इनमें से छह विकेट तो सिर्फ दो रनों पर गिर गए थे. इंग्‍लैंड और पाकिस्‍तान (England vs Pakistan) के बीच ये मैच आज ही के दिन यानी 26 जुलाई को खत्‍म हुआ था. इस मैच का नतीजा तो आपको और भी चौंका देगा.

साल 1992 में 23 जुलाई से 26 जुलाई तक चले इस मुकाबले में पाकिस्‍तान की टीम ने पहले बल्‍लेबाजी की. मेहमान टीम ने पहली पारी में 197 रन बनाए. सिर्फ सलीम मलिक गेंदबाजों के आगे संघर्ष करते दिखे. उन्‍होंने 82 रनों की नाबाद पारी खेली. इंग्‍लैंड के लिए सभी गेंदबाजों ने दबाव बनाया. नील मैलेंडर ने तीन विकेट लिए जबकि क्रिस लुइस, डेरेक प्रिंगल और टिम मंटन ने दो-दो बल्‍लेबाजों को पवेलियन भेजा. इसके बाद इंग्‍लैंड ने पहली पारी में 320 रन बनाए. मेजबान टीम के लिए शुरुआती तीन बल्‍लेबाजों ने दम दिखाया. इनमें कप्‍तान ग्राहम गूच ने 135 रन बनाए तो माइक अर्थटन ने 76 रनों का योगदान दिया. 42 रन तीसरे नंबर पर रोबिन स्मिथ ने बनाए. पांच विकेट वकार यूनुस ने चटकाए. 292 रनों पर दो विकेट के बाद से 320 रन पर पूरी टीम ढेर हो गई. वकार की शानदार स्विंग गेंदबाजी के अलावा मुश्‍ताक अहमद ने भी तीन विकेट लिए.

सलीम मलिक का असाधारण प्रदर्शन

पाकिस्‍तान की टीम दूसरी पारी खेलने उतरी तो इस बार भी सलीम मलिक खूंटा गाड़कर खड़े हुए. इस बार उन्‍होंने नाबाद 84 रन बनाए. उनके अलावा रमीज राजा ने 63 रनों का योगदान दिया. बाकी बल्‍लेबाज कोई खास कमाल नहीं कर सके. इन दोनों बल्‍लेबाजों की मदद से पाकिस्‍तान की टीम ने 221 रन बनाए. इस तरह इंग्‍लैंड को जीत के लिए 99 रनों का लक्ष्‍य मिला जो मुश्किल नहीं था. ये और बात है कि इसे हासिल करने में भी इंग्‍लैंड ने चार विकेट तो गंवा दिए. ग्राहम गूच ने 37 और डेविड गावर ने नाबाद 31 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई. वकार यूनुस ने इस पारी में दो विकेट लिए और मुश्‍ताक अहमद ने भी दो ही शिकार किए.