Tokyo Olympics 2020: भवानी देवी की तरह रही इस भारतीय की भी कहानी, सफर थमने से पहले किया ये कमाल

 टोक्यो ओलिंपिक में भारत की टेबल टेनिस प्लेयर सुतिर्था मुखर्जी का सफर भी भवानी देवी जैसा रहा. कैसे वो हम बताएंगे लेकिन पहले उस मुकाबले की बात कर लेते हैं, जिसके चलते उनका सफर टोक्यो 2020 में थम गया. टेबल टेनिस के दूसरे राउंड के मैच में भारत की सुतिर्था मुखर्जी को पुर्तगाल की यु फू के हाथों हार का सामना करना पड़ा. सुतिर्था को पुर्तगाली खिलाड़ी ने 0-4 से हराया.

मुकाबले में शुरुआत से ही पुर्तगाल की टेबल टेनिस खिलाड़ी अपने भारतीय विरोधी सुतिर्था मुखर्जी पर हावी रही. उसने एक बार जो बढ़त बनाई उसके बाद सुतिर्था को वापसी का मौका नहीं दिया. पुर्तगाल की खिलाड़ी ने सुतिर्था के खिलाफ पहले चारो गेम 11-3,11-3,11-5,11-5 के अंतर से जीत लिए और इसी के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया. टेबल टेनिस का मैच वैसे 7 गेम का होता है पर पहले चार में पुर्तगाली खिलाड़ी के जीत दर्ज कर लेने के बाद बाकी गेम की जरूरत नहीं पड़ी.

दूसरे राउंड में हारीं सुतिर्था

सुतिर्था मुखर्जी ने इससे पहले पहले राउंड का मैच आसानी से जीत लिया था. लेकिन दूसरे राउंड के मुकाबले में वो दबाव को झेल नहीं सकी और रैंकिंग में अपने से कहीं ज्यागा ऊपर मौजूद खिलाड़ी के हाथों हार गईं. सुतिर्था के इस तरह से ओलिंपिक का सफर थमने के बाद अब अब उनकी कहानी भी भवानी देवी की ही तरह हो गई है.

भवानी की तरह सुतिर्था की कहानी

दरअसल, भारतीय फेंसर यानी तलवारबाज भवानी देवी की तरह सुतिर्था मुखर्जी का भी ये पहला ही ओलिंपिक था. और अपने ओलिंपिक डेब्यू पर उन्होंने भी अपना पहला मैच ठीक उसी अंदाज में जीता जैसे भवानी देवी ने एकतरफा जीता था. लेकिन अपने अपने खेलों का दूसरा मुकाबला दोनों खिलाड़ियों ने उतनी ही आसानी से गंवा भी दिया.

महिलाओं के सिंगल्स में अब मनिका पर रहेगी निगाह

इससे पहले टेबल टेनिस के मेंस सिंगल्स में भारत के शरत कमल ने पुर्तगाल के ही खिलाड़ी के खिलाफ अपना दूसरे राउंड का मैच जीतते हुए तीसरे राउंड में जगह पक्की की थी. वहीं सुतिर्था की हार के बाद वुमेन्स सिंगल्स में अब सभी भारतीयों की निगाहें मनिका बत्रा पर होंगी, जो वर्ल्ड नंबर 10 सोफिया के खिलाफ शिरकत करती दिखेंगी.