टोक्यो ओलिंपिक से बाहर होने के बाद प्रणति पर लगे गंभीर आरोप, पूर्व कोच बोली वो फोटो सेशन में बिजी थी

भारतीय जिम्नास्ट प्रणति नायक (Pranati Nayak) टोक्यो ओलिंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) के दौरान जल्द ही बाहर हो गई थीं. वह आर्टिस्टिक जिम्नास्ट के इवेंट में फाइनल का टिकट नहीं कटा पाई थी. प्रणति की नाकामी के बाद उनकी पूर्व कोच मिनारा बेगम (Minara Begum) का मानना है कि भारतीय जिम्नास्ट ओलिंपिक के दौरान खेल को लेकर गंभीर नहीं थी. उसके लिए यह खेल केवल फोटो सेशन का मौका था. मिनारा ने आरोप लगाया कि प्रणति के वर्तमान कोच 27 साल के लखन शर्मा भी सीरियस नहीं थे. उन्होंने इंडिया टु़डे से बातचीत में कहा, ‘वह 26 साल की है और वह 27 का. मुझे उनमें कोई गंभीरता नहीं दिखी. मैंने उसे ट्रेन किया लेकिन भारत में बड़े अधिकारियों ने मुझे किनारे कर दिया और 2021 में लखन को नियुक्त कर दिया.’

मिनारा को टोक्यो ओलिंपिक्स से दो महीने पहले प्रणति के कोच पद से हटा दिया गया था. इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस मामले में दखल देने को कहा था. मिनारा बेगम आठ साल की उम्र से प्रणति की कोच रही हैं. उनकी देखरेख में प्रणति ने कई इवेंट में हिस्सा लिया है. मिनारा बेगम ने कहा, ‘उसका प्रदर्शन मेरी उम्मीदों के हिसाब से अच्छा नहीं था. मुझे पता है कि 27 साल के कोच का प्रणति को ट्रेनिंग देना सही नहीं रहा. उसने दो वॉल्ट नहीं किए. हरेक कैटेगरी में गड़बड़ी थी.’

प्रणति ने बनाया था 42.565 का स्कोर

प्रणति ने अपने इवेंट में चार कैटेगरी में 42.565 का स्कोर बनाया. चार कैटेगरी में फ्लोर एक्सरसाइज, वॉल्ट, अनइवन बार्स और बैलेंस बीम. प्रणति ने फ्लोर में 10.633 का स्कोर किया. वॉल्ट में उन्होंने 13.466 का स्कोर किया. अनइवन बार में वह 9.033 का स्कोर कर पाईं. बैलेंस में वह 9.433 का स्कोर कर पाईं. मिनारा ने आरोप लगाया कि जिस तरह की रिपोर्ट उन्हें मिली है उसके हिसाब से प्रणति के लिए टोक्यो ओलिंपिक केवल फोटो सेशन था. उन्होंने कहा, ‘वह सीरियस नहीं थी. वह वहां घूमने और फोटो सेशन कराने गई थी. यह सिलसिला एयरपोर्ट से ही शुरू हो गया था. प्रणति फाइटर है. मैंने उसे लड़ना सिखाया है लेकिन वह अभी गंभीर नहीं थी. वह इवेंट के दौरान इधर-उधर देख रही थी. मैंने अपनी शिष्य प्रणति को ऐसा कभी नहीं देखा. ‘

मिनारा के अनुसार,

उसे टेबल वॉल्ट में ज्यादा कोशिश करनी चाहिए थी. मैं उससे ज्यादा वॉल्ट कराती और बाकी इवेंट का सामंजस्य रखती. जो मैंने देखा उस पर मुझे भरोसा नहीं हुआ. मुझे काफी बुरा लगा. मैं इसे बयां नहीं कर सकती.