…तो एक साल में खत्म हो जाएंगे जसप्रीत बुमराह, शोएब अख्तर की टीम इंडिया को चेतावनी

 नई दिल्ली. टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) के एक्शन और फॉर्म को लेकर अक्सर चर्चा होती है. कई पूर्व दिग्गजों का मानना है कि बुमराह जिस तरह के एक्शन से गेंदबाजी करते हैं, उससे उनके चोटिल होने की आशंका हमेशा बनी रहती है. अब इस गेंदबाज को लेकर शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने टीम इंडिया (Team India) को चेतावनी दी है. पाकिस्तानी दिग्गज का मानना है कि अगर टीम इंडिया बुमराह का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लंबा रखना चाहती है, तो उन्हें हर मैच में नहीं उतारना चाहिए और उनके वर्कलोड को मैनेज करना चाहिए.


बुमराह अब पांच साल से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं. लेकिन 2019 के अंत में पीठ में लगी चोट के बाद उनके फॉर्म में गिरावट देखी गई है. हालांकि, तेज गेंदबाज ने अपनी पीठ की सर्जरी से परहेज किया और दोबारा क्रिकेट मैदान पर वापसी की. लेकिन वो पहले जैसे असरदार नहीं दिखे. उनका इकोनॉमी रेट भी बढ़ गया और विकेट भी पहले जितने नहीं मिल रहे.


बुमराह की हालत भी बिशप और बॉन्ड जैसी हो सकती है: अख्तर
अख्तर ने स्पोर्ट्स तक से बातचीत में कहा कि बुमराह फ्रंटल एक्शन से गेंदबाजी करते हैं. ऐसे गेंदबाज गेंद डालते वक्त अपनी पीठ और कंधे का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. जबकि हम लोग साइड-ऑन गेंदबाजी करते थे. इसी वजह से हमारी पीठ और कंधे पर उतना जोर नहीं आता था. फ्रंटल एक्शन के साथ आपको कोई रियायत नहीं मिलती. अगर आपके पीठ और कमर में चोट लग गई, तो आप चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएंगे. मैंने इस एक्शन की वजह से वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज इयान बिशप (Ian Bishop) और शेन बॉन्ड (Shane Bond) की हालत खराब होते हुए देखी है.

बुमराह को अब इस दिशा में सोचना चाहिए कि मैं एक मैच खेलूं और फिर क्रिकेट से ब्रेक लूं और रिहैबिलिटेशन में जाऊं. उन्हें अपना वर्कलोड पर काम करना होगा.

‘बुमराह को ज्यादा मैच खिलाए तो खत्म हो जाएगा करियर’
पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज ने आगे कहा कि अगर आप बुमराह को हर मैच में उतारोगे तो एक साल में पूरी तरह खत्म हो जाएगा. उसे किसी भी सीरीज में में पांच में से तीन मैच में ही उतारो. बुमराह अगर सालों-साल भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो उन्हें इस एक बात का ध्यान रखना होगा.

‘पीसीबी ने भी कभी मेरी बात नहीं सुनी’
अख्तर ने अपना हवाला देते हुए बताया कि कैसे अपने उन्हें अपने करियर के दौरान इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि मैंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को मनाने की बहुत कोशिश की कि मुझे ज्यादा मैच न खिलाएं. लेकिन पीसीबी ने मेरी बात अनसुनी कर दी और इसी वजह से मैं भी चोटिल होता रहा.

उन्होंने आगे कहा कि मैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से कहता रहा कि मुझे सभी पांच मैच खेलने के लिए मत कहो. मैं तीन वनडे का तेज गेंदबाज हूं और अगर इससे ज्यादा मैच में मुझे उतारोगे तो मेरे घुटने जवाब दे जाएंगे. जब मैंने 1997 में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी, तो मेरे घुटने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव नहीं झेल पाते थे. जब भी मैं पांच मैच खेलता था, घुटनों में पानी भर जाता था और मेरा मूवमेंट चला जाता था. मैं बोर्ड से कहते-कहते थक गया था. लेकिन मेरी सुनवाई नहीं हुई. बाद में मैंने खुद ही अपना वर्कलोड मैनेज किया.


बुमराह ने दो साल में 27 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले
बुमराह फिलहाल, टीम इंडिया के साथ इंग्लैंड दौरे पर गए हैं. वो 2016 में वनडे और टी20 डेब्यू किया था. हालांकि, उन्होंने अपना पहला टेस्ट 2018 में खेला था. बीते पांच साल में बुमराह भारत के लिए 20 टेस्ट, 67 वनडे और 50 टी20 खेल चुके हैं. उन्होंने वनडे में 108 और टेस्ट में 83 विकेट लिए हैं. टी20 में भी वो 59 विकेट ले चुके हैं.

बीते दो साल में बुमराह ने 27 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. इसमें 10 टेस्ट, 9 वनडे और 8 टी20 शामिल हैं. इस दौरान उन्होंने टेस्ट में 25.11 की औसत से 34 विकेट लिए हैं. लेकिन वनडे में उनकी गेंदबाजी में वो धार नहीं दिखी है. उन्होंने 96 से ज्यादा के औसत से 9 मैच में सिर्फ पांच विकेट लिए हैं.