पैन कार्ड में छुपी होती है आपकी पूरी जानकारी, जानिए कितना काम का होता है ये डॉक्यूमेंट

 जब भी आपकी कमाई को लेकर बात होती है तो सबसे पहले पैन कार्ड ही मांगा जाता है. अगर आपको कहीं भी आपकी अपनी कमाई के दस्तावेज देने होते हैं तो पैन कार्ड सबसे ज्यादा काम में आने वाला दस्तावेज है. कहा जाता है एक पैन कार्ड के जरिए आपके बारे में बहुत कुछ पता किया जा सकता है और इसमें आपके बारे में बहुत सी जानकारी छुपी होती है. अगर आप भी किसी को पैन कार्ड दे रहे हैं, तो समझिए आप उन्हें अपने बारे में बहुत कुछ जानकारी उन्हें दे रहे हैं.

ऐसे में आज आम आपको बता रहे हैं कि पैन कार्ड में क्या-क्या जानकारी छुपी होती है और किस तरह से ये काम का डॉक्यूमेंट होता है. साथ ही जानेंगे कि अगर आप किसी को पैन कार्ड दे रहे हैं तो आपको किन-किन बातों का ध्यान रखना है…

कहां कहां है जरूरी है पैन कार्ड

पहले तो इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए पैन कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब कई जगहों पर इसका इस्तेमाल होता है. लेकिन, अब अगर आप कहीं भी निवेश कर रहे हैं या कोई भी बड़ा ट्रांजेक्शन कर रहे हैं तो आपको पैन कार्ड की आवश्यकता होती है. अगर आप अपना मकान भी किराए पर दे रहे हैं और उसका किराया ज्यादा है तो आपका किराएदार भी अपनी रिटर्न के लिए आपका पैन कार्ड मांग सकता है.

इसके अलावा अगर आप लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम ले रहे हैं या फिर शेयर, कंपनी के डिबेंचर, बैंक ड्राफ्ट की नकद खरीद, पे ऑर्डर, म्युचुअल फंड्स, एफडी, क्रेडिट या डेबिट कार्ड, गाड़ी, ज्वैलरी खरीदते वक्त भी आपको पैन कार्ड देना आवश्यक होता है. हालांकि, इन सभी ट्रांजेक्शन में एक लिमिट तय है और उस लिमिट से ज्यादा का ट्रांजेक्शन करते हैं तो आपको पैन कार्ड की आवश्यकता होती है.

क्या-क्या जानकारी छुपी होती है

यह एक तरह से आपकी बैलेंस शीट होती है. यह बताता है कि आपकी कमाई कितनी है और आपने कितना निवेश किया है. साथ ही इसके माध्यम से ही आपके लोन और क्रेडिट स्कोर जैसी जानकारी ली जा सकती है. क्रेडिट स्कोर पैन कार्ड के जरिए पता किया जा सकता है, जिससे आप कभी लोन लेते हैं तो यह स्कोर काफी मायने रखता है, ये बताया है कि आप अभी तक लोन, ईएमआई का सही वक्त पर भुगतान कर रहे हैं या नहीं. यह एक तरीके से निवेश और खर्च आदि का ध्यान रखता है.

पैन भी बताता है बहुत कुछ

पैन या परमानेंट अकाउंट नंबर 10 डिजिट का एक ऐसा नंबर है, जो आपकी फाइनेंशियल स्टेट्स को दिखाता है. वहीं, पैन कार्ड पर लिखे नंबर में भी काफी जानकारी छिपी होती है और इससे भी आपके बारे में बहुत कुछ पता किया जा सकता है. आयकर विभाग के अनुसार, किसी भी पैन के शुरुआती तीन डिजिट अंग्रेजी के अल्फाबेटिक सीरीज को दर्शाते हैं. इस अल्फाबेटिक सीरीज में AAA से लेकर ZZZ तक में अंग्रेजी के किसी भी तीन अक्षर की सीरीज हो सकती है. इसे आयकर विभाग तय करता है.

पैन कार्ड पर दर्ज चौथा अक्षर आयकरदाता के स्टेटस को दिखता है. जैसे नंबर पर P है, तो यह दिखाता है कि यह पैन नंबर पर्सनल है यानी किसी एक व्यक्ति का है. F से पता चला चलता है कि वह नंबर किसी फर्म का है. इसी तरह C से कंपनी, AOP से एसोसिएशन ऑफ पर्सन, T से ट्रेस्ट, H से अविभाजित हिन्दू परिवार, B से बॉडी ऑफ इंडिविजुअल, L से लोकल, J से आर्टिफिशियल ज्युडिशियल पर्सन, G से गवर्नमेंट का पता चलता है. इनकम टैक्स भरने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं.